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अस्त हो गया पंजाब की राजनीति का सिताराः 95 वर्ष की आयु में प्रकाश सिंह बादल का निधन

नई दिल्ली/चंडीगढ़ (the live ink desk). पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री व अकाली दल (बादल) प्रमुख रहे प्रकाश सिंह बादल (Parkash Singh Badal ) का मंगलवार रात निधन (passed away) हो गया। 95 वर्षीय प्रकाश बादल इन दिनों बीमार चल रहे थे। उनका इलाज मोहाली के फोर्टिस हार्ट हास्पिटल में चल रहा था। प्रकाश बादल (Parkash Singh Badal ) के निधन के साथ ही पंजाब की राजनीति का एक सितारा हमेशा हमेशा के लिए अस्त हो गया। वह पांच बार पंजाब के सीएम रहे। बादल का जन्म आठ दिसंबर, 1927 को गांव अबुल खुराना (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। प्रकाश सिंह बादल ने 1947 में राजनीति में प्रवेश किया और जीवन में पहला चुनाव सरपंच के लिए लड़ा और जीत गए। उस समय प्रकाश सिंह बादल को सबसे कम उम्र का सरपंच बनने का खिताब मिला था।

प्रकाश सिंह बादल लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। कोरोनाकाल (2020) के बाद से ही वह सार्वजनिक जीवन में कम दिखने लगे थे। राजनैतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेना बंद कर दिया था। बीते 23 मार्च को उन्हे फरीदकोट की अदालत में देखा गया था। बीते 16 अप्रैल को सांस लेने में तकलीफ होने के बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस हार्ट हास्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत कई दिनों तक स्थिर बनी हुई थी। इसी बीच मंगलवार की रात प्रकाश सिंह बादल का निधन हो गया।

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प्रकाश सिंह बादल (Parkash Singh Badal )  पंजाब (Punjab) की राजनीति के उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने सरपंच से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया और लंबे संघर्ष के बाद मुख्यमंत्री पद तक का सफर तय किया। प्रकाश सिंह बादल वर्ष 1970 से 1971, 1977 से लेकर 1980, 1997 से 2002, 2007 से लेकर 2012 तथा 2012 से 2017 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। वर्ष 1957 में उन्होंने पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था। वर्ष 1969 में उन्होंने दोबारा जीत हासिल की।

पांच बार मुख्यमंत्री का पद भार संभालने वाले प्रकाश सिंह बादल वर्ष 1972, 1980 और वर्ष 2002 में विरोधी दल के नेता भी बने। प्रकाश सिंह बादल की पहचान राजनीतिक मोर्चे लगाने वाले नेता की रही है। वह पंजाब के मामलों को लेकर कई बार जेल भी गए। मोरारजी देसाई के प्रधानमंत्री काल में सांसद भी चुने गए। वहीं वर्ष 2022 का चुनाव लडऩे के बाद वह सबसे अधिक उम्र के उम्मीदवार भी बने। सात दशक तक पंजाब की राजनीति में सक्रिय रहे प्रकाश सिंह बादल पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने संगत दर्शन शुरू किया और मुख्यमंत्री रहते हुए ज्यादा समय जनता के बीच व्यतीत किया।

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