अवध

Umesh Pal Murder Case में घायल सिपाही राघवेंद्र का निधन, पीजीआई में चल रहा था इलाज

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). 24 फरवरी की शाम हुए उमेशपाल हत्याकांड (Umesh Pal Case) में एक मार्च को तीसरी मौत हो गई। सरेआम हुए शूटआउट और बमबाजी में घायल चल रहे उमेश पाल (Umesh Pal) के दूसरे गनर राघवेंद्र की मौत (Raghavendra died) हो गई। एसआरएन (SRN) में भर्ती करवाए गए सिपाही राघवेंद्र को दो दिन पहले ही ग्रीन कारीडोर बनाकर पीजीआई लखनऊ (PGI Lucknow) में भर्ती करवाया गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। बताते चलें कि इसके पूर्व गनर संदीप निषाद का निधन वारदात के चंद घंटे बाद ही हो गया था।

राघवेंद्र के निधन के साथ ही उमेश पाल हत्याकांड में काल कवलित होनेवालों की संख्या अब तीन हो गई थी। बताया जाता है कि राघवेंद्र कि पिता रामसुमेर सिंह भी पुलिस विभाग में सिपाही थे। बीमारी की वजह से उनका निधन हुआ था। राघवेंद्र को पिता के स्थान पर मृतक आश्रित के रूप में नौकरी मिली थी। राघवेंद्र के निधन पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने शोक व्यक्त किया है।

मेसर्स एमएस इंटरप्राइजेज में लगा ताला, दो दर्जन खाद्य पदार्थ भेजे गए लैब
Umesh Pal Case: खालिद जफर के दो मंजिला मकान पर चला बुलडोजर
संघर्ष समितिः 16 मार्च की रात से 72 घंटे के लिए हड़ताल पर जाएंगे कर्मचारी
आधी रात भाजपा कार्यकर्ता की गाड़ी के सामने खड़े हो गए असलहाधारी

दूसरी तरफ उमेश पाल हत्याकांड को लेकर पुलिस-प्रशासन की कार्यवाही और छापेमारी जारी है। एक मार्च को योगी सरकार (Yogi Sarkar) का बुलडोजर अतीक अहमद के करीबी खालिद हसन के उस मकान पर चला, जिसमें अतीक अहमद (Atiq Ahmed) की पत्नी शाइस्ता परवीन को पनाह मिली थी। आशंकाव्यक्त की जा रही है कि वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर कुछ समय के लिए यहां रुके थे। घटना में इस्तेमाल की गई कार भी इसी क्षेत्र (चकिया) में ही पाई गई थी। इस प्रकरण में क्रेटा कार चलाने वाले अरबाज को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया है। जबकि इविवि के मुस्लिम छात्रावास में रहने वाले सदाकत खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा सिविल लाइंस में ईट आन बिरयानी के नाम से रेस्टोरेंट चलानेवाले नफीस को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

योगी सरकार द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ कार्यवाही से अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अब कानून की दुहाई दे रहे हैं। समाजवादी पार्टी से कभी सांसद रहे अतीक अहमद ने एक मार्च को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है, जिसमें उसने खुद की जान की सुरक्षा की गुहार लगाई है। अतीक की तऱफ से याचिका में कहा गया है कि उक्त हत्याकांड (उमेश पाल मर्डर केस) में पूछताछ के लिए उसे प्रयागराज न भेजा जाए, क्योंकि उसे डर है कि रास्ते में फर्जी मुठभेड़ में उसकी हत्या की जा सकती है। अतीक अहमद इन दिनों गुजरात के अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button