सहमति से बने रिश्ते को हर हाल में अपराध नहीं ठहराया जा सकता: हाईकोर्ट

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि विवाह के वादे के आधार पर आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंधों को स्वतः ही “झूठे विवाह वादे” की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। अदालत ने कहा कि यदि शुरुआत से धोखाधड़ी की मंशा सिद्ध नहीं होती, तो केवल … Continue reading सहमति से बने रिश्ते को हर हाल में अपराध नहीं ठहराया जा सकता: हाईकोर्ट