
The live ink desk. देश में रोजगार परिदृश्य जनवरी 2026 में कमजोर पड़ा है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में बेरोजगारी दर बढ़कर 5 प्रतिशत पहुंच गई, जो दिसंबर 2025 में 4.8 प्रतिशत थी। यह जानकारी राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ताजा रिपोर्ट से सामने आई है, जो पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) पर आधारित है।
आंकड़ों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 3.9 प्रतिशत से बढ़कर 4.2 प्रतिशत हो गई, जबकि शहरी इलाकों में यह 6.7 प्रतिशत से बढ़कर 7.0 प्रतिशत दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों के महीनों में निर्माण गतिविधियों की सुस्ती, फसल कटाई के बाद कृषि कार्यों में कमी और छोटे व्यापारों में मांग कमजोर रहने से रोजगार सृजन पर असर पड़ा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि श्रम भागीदारी दर जनवरी में घटकर 55.9 प्रतिशत रही, जो दिसंबर में 56.1 प्रतिशत थी। ग्रामीण और शहरी—दोनों क्षेत्रों में भागीदारी में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि कुछ लोग अस्थायी रूप से श्रम बाजार से बाहर भी हुए हैं।
एनएसओ के अनुसार, यह सर्वे 3.73 लाख से अधिक उत्तरदाताओं से जुटाए गए आंकड़ों पर आधारित है और इसे देश में रोजगार व बेरोजगारी के रुझानों का सबसे प्रामाणिक आधिकारिक स्रोत माना जाता है। ताजा आंकड़े संकेत देते हैं कि अल्पकाल में रोजगार बाजार पर दबाव बना रह सकता है, जबकि आगामी महीनों में कृषि गतिविधियों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ने से स्थिति में सुधार की उम्मीद की जा रही है।


