
The live ink desk. दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को संवैधानिक व्यवस्था को बाधित करने की साजिश से जुड़े मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय दिसंबर 2024 में मार्शल लॉ लागू करने के प्रयास से संबंधित प्रकरण में आया, जिसने देश की राजनीति में व्यापक अस्थिरता पैदा की थी।
तीन सदस्यीय पीठ ने अपने फैसले में कहा कि तत्कालीन प्रशासन द्वारा संसद परिसर में सशस्त्र बलों की तैनाती तथा राजनीतिक हस्तक्षेप की कार्रवाई लोकतांत्रिक ढांचे के प्रतिकूल थी और इसे विद्रोह की श्रेणी में रखा जा सकता है। न्यायालय ने माना कि उस समय के रक्षा मंत्री किम योंग-ह्यून के साथ समन्वय कर संवैधानिक संस्थाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
अभियोजन पक्ष ने मामले को गंभीर बताते हुए मृत्युदंड की मांग की थी, किंतु अदालत ने परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आजीवन कारावास को उपयुक्त दंड माना। 65 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति सुनवाई के दौरान संयत दिखाई दिए। सह-अभियुक्त पूर्व रक्षा मंत्री को 30 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई, जबकि प्रकरण से जुड़े कुछ अन्य पूर्व पुलिस अधिकारियों को भी दंडित किया गया है।
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि 3 दिसंबर 2024 की घटनाओं तथा मार्शल लॉ की घोषणा ने सामाजिक स्थिरता और संस्थागत विश्वास को गंभीर रूप से प्रभावित किया। न्यायालय ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की परीक्षा का क्षण बताते हुए स्पष्ट किया कि संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पूर्व राष्ट्रपति की कानूनी टीम ने संकेत दिया है कि वे उच्च न्यायालय में अपील दायर कर सकते हैं। अभियोजन पक्ष ने सजा को लेकर आंशिक असंतोष व्यक्त किया है, हालांकि अपील के संबंध में अंतिम निर्णय अभी घोषित नहीं किया गया है।

