
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित इजरायल यात्रा से पूर्व भारत और इजरायल ने रक्षा सहयोग को विस्तार देने के उद्देश्य से एक नए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह करार दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच तकनीकी सहयोग, संयुक्त उत्पादन और औद्योगिक साझेदारी को संस्थागत ढांचा प्रदान करेगा।
समझौते की पहल इजरायल के रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत SIBAT (इंटरनेशनल डिफेंस कोऑपरेशन डायरेक्टरेट) की ओर से की गई। इस प्रक्रिया में भारत की Society of Indian Defence Manufacturers (SIDM) और भारत के रक्षा मंत्रालय ने समन्वय किया।
उद्योग-स्तरीय संवाद पर जोर
तेल अवीव में आयोजित संगोष्ठी और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों के माध्यम से दोनों देशों की रक्षा कंपनियों ने संभावित सहयोग क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम में कुल 56 कंपनियों—30 भारतीय और 26 इजरायली—ने भाग लिया। विचार-विमर्श का केंद्रबिंदु उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी, सह-उत्पादन, निर्यात संभावनाएं और अनुसंधान सहयोग रहा।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व SIDM के महानिदेशक रमेश के. ने किया। कार्यक्रम में इजरायल में भारत के राजदूत जेपी सिंह और भारतीय रक्षा अताशे ग्रुप कैप्टन विजय पाटिल भी उपस्थित रहे।
रक्षा साझेदारी को ठोस आयाम
यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब भारत और इजरायल के बीच रक्षा संबंध पहले से ही मजबूत हैं। संयुक्त विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और रक्षा निर्माण में ‘मेक इन इंडिया’ के अनुरूप सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह करार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी इजरायल यात्रा से पहले द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को ठोस आधार देने वाला कदम है और इससे दीर्घकालिक रणनीतिक समन्वय को नई दिशा मिल सकती है।



