बालू लदी नावों को घेरकर की फायरिंग, चार स्टीमर से आए थे दो दर्जन लोग

प्रयागराज (श्याम प्रकाश सिंह). प्रयागराज जनपद के घूरपुर थाना क्षेत्र स्थित बसवार गांव में यमुना नदी किनारे संचालित बालू मंडी में कथित रूप से असलहाधारियों द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो मंगलवार देर रात सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो 16 फरवरी की दोपहर का बताया जा रहा है। फुटेज में नदी के बीच कई बड़ी नावों पर मजदूरों द्वारा बालू लोडिंग का कार्य किया जा रहा है। इसी दौरान चार स्टीमर से आए लगभग दो दर्जन लोगों ने नावों को घेर लिया और कथित तौर पर दो राउंड हवाई फायरिंग की। गोली चलने की आवाज सुनते ही मजदूरों और नाविकों में अफरा-तफरी मच गई।
मामले को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के जिला उपाध्यक्ष सुरेश निषाद के नेतृत्व में बसवार गांव में बैठक आयोजित की गई। सभा से जुड़े कार्यकर्ताओं और बालू मजदूरों ने विरोध मार्च निकालकर आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। संगठन का आरोप है कि फायरिंग करने वाले समूह द्वारा मजदूरों पर बालू की खेप नैनी स्थित विद्यापीठ क्षेत्र में उतारने का दबाव बनाया जा रहा था।
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए गए हैं कि बसवार और समीपवर्ती कंजासा गांव में पिछले कुछ महीनों से बिना वैध पट्टे के खनन गतिविधियां चल रही हैं। तीन दिन पूर्व कंजासा में भी दो पक्षों के बीच कथित तौर पर असलहे के साथ तनाव की स्थिति बनी थी। हालांकि उस समय मामला स्थानीय स्तर पर सुलझा लिया गया था।
प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए एसीपी कौंधियारा अब्दुस सलाम खान ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था, तथ्यों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घूरपुर थाना प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो दो दिन पुराना प्रतीत होता है। अब तक किसी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, फिर भी जांच प्रारंभ कर दी गई है।
खनन विभाग के निरीक्षक वैभव सोनी ने स्वीकार किया कि वीडियो बसवार क्षेत्र का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां बालू खनन का कोई अधिकृत पट्टा जारी नहीं है और अवैध खनन की शिकायतें मिली हैं। संबंधित पक्षों को गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए गए हैं तथा दोबारा उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
घूरपुर के तराई क्षेत्र में खनन वर्चस्व को लेकर पूर्व में भी तनाव और हिंसक झड़पें होती रही हैं। ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर अवैध खनन और आपराधिक हस्तक्षेप पर प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की प्रामाणिकता और घटना के क्रम की पुष्टि के बाद विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

