The live ink desk. रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच मानवीय मोर्चे पर एक अहम प्रगति दर्ज करते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति ब्लादिमीर जेलेंस्की ( Volodymyr Zelenskyy) ने बताया है कि रूस ले जाए गए लगभग दो हजार यूक्रेनी बच्चों को अब तक सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जा चुका है। उन्होंने इसे देश के भविष्य की रक्षा से जुड़ा एक संवेदनशील और दीर्घकालिक अभियान बताया।
राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि यह उपलब्धि ‘ब्रिंग किड्स बैक’ पहल के तहत संचालित समन्वित प्रयासों का परिणाम है। इस मिशन में यूक्रेनी सरकारी एजेंसियों, मानवाधिकार संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा कई अंतरराष्ट्रीय साझेदार देशों और संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी रही। जटिल कूटनीतिक प्रक्रियाओं, कानूनी औपचारिकताओं और मानवीय गलियारों के जरिए बच्चों की पहचान, संपर्क और वापसी सुनिश्चित की गई।
जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध की परिस्थितियों में बच्चों का अपने परिवारों से बिछुड़ना केवल व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चिंता का विषय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक बच्चे की सुरक्षित घर वापसी यूक्रेन की प्राथमिकता है और इस दिशा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, यह केवल राहत कार्य नहीं, बल्कि न्याय और मानवाधिकारों से जुड़ा प्रश्न है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चुनौती अभी समाप्त नहीं हुई है। यूक्रेनी प्रशासन के आकलन के अनुसार, कई बच्चे अब भी रूस में हैं या उन क्षेत्रों में हैं जहां सीधा संपर्क स्थापित करना कठिन है। सरकार ने संकेत दिया है कि उनकी पहचान और वापसी के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कूटनीतिक दबाव तथा मानवीय अपील दोनों जारी रहेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष की पृष्ठभूमि में बच्चों की वापसी का मुद्दा वैश्विक स्तर पर भी संवेदनशील बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी इस विषय को मानवीय प्राथमिकता के रूप में रेखांकित किया है।
राष्ट्रपति ने दोहराया कि जब तक हर यूक्रेनी बच्चा सुरक्षित रूप से अपने घर और परिवार तक नहीं पहुंच जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने इसे यूक्रेन के वर्तमान और भविष्य—दोनों की रक्षा का संकल्प बताया।

