
The live ink desk. पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में सोमवार देर रात एक शक्तिशाली आत्मघाती कार बम विस्फोट में कम से कम 11 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। यह हमला अफगान सीमा से सटे बाजौर जिले में एक संयुक्त सुरक्षा चौकी को निशाना बनाकर किया गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरी चौकी ध्वस्त हो गई और आसपास के रिहायशी ढांचे भी क्षतिग्रस्त हो गए।
प्रांतीय प्रशासन और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, विस्फोटकों से लदी एक वाहन को सीधे सुरक्षा पोस्ट से टकरा दिया गया। यह चौकी अर्द्धसैनिक बल फ्रंटियर कॉर्प्स के नियंत्रण में थी। हमले के तुरंत बाद इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया, जबकि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क प्रकोष्ठ Inter-Services Public Relations (आईएसपीआर) ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमले में सुरक्षा ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अफगानिस्तान की समाचार एजेंसी Khaama Press के मुताबिक, धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास स्थित कई मकानों की दीवारें दरक गईं। स्थानीय सूत्रों ने एक बच्चे की मौत और कई नागरिकों के घायल होने की भी सूचना दी है। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण राहत और बचाव कार्य अंधेरे में चलाना पड़ा।
खैबर पख्तूनख्वा लंबे समय से उग्रवादी गतिविधियों से प्रभावित रहा है, विशेषकर अफगान सीमा से सटे जिलों में। हाल के महीनों में यहां हमलों की आवृत्ति और तीव्रता दोनों में वृद्धि देखी गई है। इसी क्रम में बन्नू जिले में पुलिस स्टेशन के समीप हुए एक अन्य विस्फोट में दो लोगों की जान गई थी और कई घायल हुए थे। इस घटना की जानकारी पाकिस्तानी दैनिक Dawn ने प्रकाशित की थी।
हिंसा के आंकड़े चिंताजनक
सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि देश में उग्रवादी गतिविधियों का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। Pakistan Institute for Peace Studies की हालिया रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 के दौरान सैकड़ों आतंकी हमले दर्ज किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी और नागरिक हताहत हुए। रिपोर्ट में सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा ढांचे को और सुदृढ़ करने तथा खुफिया समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता रेखांकित की गई है।
ताजा हमले ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि सीमावर्ती प्रांतों में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए किस प्रकार की दीर्घकालिक रणनीति अपनाई जाएगी। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की है।



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