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50000 के इनामिया गो-तस्कर को एसटीएफ ने दबोचा

प्रतापगढ़ (हरिश्चंद्र यादव). उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की प्रयागराज इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी और लंबे समय से फरार चल रहे गौ-तस्करी के आरोपी पृथ्वीपाल सरोज को प्रतापगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ चंदौली जिले के सैय्यदराजा थाने में गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है।

प्रतापगढ़-पट्टी मार्ग से दबोचा गया

एसटीएफ टीम ने 23 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2 बजे प्रतापगढ़-पट्टी मार्ग स्थित दीवानगंज बाजार के पास, नेवादा गांव जाने वाली सड़क (थाना कंधई क्षेत्र) से आरोपी को गिरफ्तार किया। पृथ्वीपाल सरोज, पुत्र खन्नू उर्फ लाली, मूल रूप से पोख्ताखम गांव, थाना कोहडौर, जनपद प्रतापगढ़ का निवासी है।

इनपुट के आधार पर की गई घेराबंदी

एसटीएफ को पिछले कुछ समय से फरार और पुरस्कार घोषित अपराधियों की गतिविधियों के संबंध में सूचनाएं मिल रही थीं। इस पर विभिन्न इकाइयों को सक्रिय किया गया था। पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण और निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में प्रयागराज फील्ड यूनिट लगातार अभिसूचना संकलन में जुटी थी।

सूचना मिली कि चंदौली के सैय्यदराजा थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित पृथ्वीपाल सरोज अपने एक रिश्तेदार से मिलने नेवादा गांव आने वाला है। सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने उसे मौके से दबोच लिया।

पूछताछ में हुआ खुलासा

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले दिल्ली में मोमबत्ती बनाने वाली फैक्ट्री में कार्यरत था। सेवानिवृत्ति के बाद उसने बैंक से वित्तपोषण कर एक डीसीएम वाहन (संख्या यूपी-72-बीटी-3439) खरीदा था। किस्तें समय पर न चुका पाने के कारण वाहन को बिहार निवासी संदीप शर्मा को किराये पर दे दिया गया।

जांच में सामने आया कि संदीप शर्मा का एक सक्रिय गिरोह है, जो उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के जंगल क्षेत्रों से गोवंशीय पशुओं को लोड कर बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल तक सप्लाई करता था। वर्ष 2025 में इसी नेटवर्क से जुड़े दो वाहनों को सैय्यदराजा पुलिस ने पकड़ा था, जिनमें पशुओं की तस्करी की जा रही थी। उसी प्रकरण की विवेचना में पृथ्वीपाल सरोज का नाम सामने आया था।

आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपी को चंदौली पुलिस के सुपुर्द किया जा रहा है, जहां दर्ज मुकदमा संख्या 53/2025 के तहत गोवध निवारण अधिनियम की धाराओं 3/5ए/5बी/8 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि गौ-तस्करी से जुड़े संगठित गिरोहों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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