
अंतरिम व्यापार समझौते के लिए 23 से 26 फरवरी के बीच वाशिंगटन में होनी थी बैठक
नई दिल्ली. भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए तय मुख्य वार्ताकारों की बैठक फिलहाल टाल दी गई है। भारतीय दल को 23 से 26 फरवरी के बीच वॉशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों के साथ मसौदे के कानूनी बिंदुओं पर चर्चा करनी थी, लेकिन हालिया नीतिगत और कानूनी घटनाक्रम के मद्देनजर दोनों पक्षों ने पहले स्थिति का आकलन करने का निर्णय लिया है। नई तिथि आपसी सहमति से तय की जाएगी।
प्रस्तावित 15 प्रतिशत नया टैरिफ लागू होने पर यह मौजूदा एमएफएन दरों के ऊपर जोड़ा जाएगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी उत्पाद पर 5 प्रतिशत मूल आयात शुल्क है, तो कुल प्रभावी कर 20 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
इस बीच अमेरिका में टैरिफ नीति को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। राष्ट्रपति Donald Trump ने सभी देशों पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा की है। हालांकि, U.S. Supreme Court ने IEEPA कानून के तहत लगाए गए व्यापक वैश्विक टैरिफ को अवैध ठहराते हुए कहा कि कार्यपालिका ने अधिकार सीमा का उल्लंघन किया है। इस फैसले को अमेरिकी व्यापार नीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत पर अगस्त 2025 में अमेरिका ने 25 प्रतिशत प्रतिशोधात्मक (रेसिप्रोकल) टैरिफ लगाया था। रूस से कच्चा तेल खरीद के मुद्दे पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क जोड़े जाने से प्रभावी दर 50 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। हाल में अंतरिम ढांचे के तहत 25 प्रतिशत की पेनल्टी हटाई गई है, जबकि शेष 25 प्रतिशत शुल्क जारी है।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पूर्व में संकेत दिया था कि समझौते पर मार्च में हस्ताक्षर संभव हैं और इसे अप्रैल से लागू किया जा सकता है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार 186 अरब डॉलर रहा है, ऐसे में यह अंतरिम समझौता दोनों देशों के वाणिज्यिक संबंधों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


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