
The live ink desk. अमेरिका के उत्तर-पूर्वी हिस्से में आए भीषण शीत तूफान ने जनजीवन को ठप कर दिया है। सबसे अधिक असर न्यूयॉर्क में देखा गया, जहां लगभग 50 सेंटीमीटर तक बर्फ जम गई। हालात इतने गंभीर रहे कि संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय तक को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
सोमवार को आए इस शक्तिशाली तूफान ने मैरीलैंड से मेन तक फैले राज्यों को बर्फ की मोटी चादर में ढक दिया। कई स्थानों पर दो से तीन फीट तक हिमपात दर्ज किया गया। वारविक (रोड आइलैंड) में तीन फीट से अधिक बर्फबारी की सूचना है। प्रशासन ने डेलावेयर से मैसाचुसेट्स तक आपात स्थिति घोषित कर दी है।
हवाई यातायात पर सबसे बड़ा असर पड़ा है। शनिवार से अब तक 10,000 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं, जबकि सोमवार को ही करीब 5,000 फ्लाइट्स निरस्त रहीं। जॉन एफ. केनेडी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, लागार्डिया हवाई अड्डा और लोगान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। रोड आइलैंड के टी. एफ. ग्रीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ने अस्थायी रूप से सभी उड़ान संचालन निलंबित कर दिए।
रेल और बस सेवाएं भी बाधित रहीं। न्यू जर्सी ट्रांज़िट ने बस व रेल संचालन रोक दिया, जबकि लॉन्ग आइलैंड रेल रोड को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया। कई सब-वे लाइनों पर देरी दर्ज की गई।
ऊर्जा आपूर्ति तंत्र पर भी दबाव बढ़ा है। पूर्वी तट पर पांच लाख से अधिक उपभोक्ता बिजली कटौती से प्रभावित हुए। कैथी होचुल ने बताया कि बहाली कार्य जारी है, लेकिन तेज हवाएं राहत प्रयासों में बाधा बन रही हैं।
राष्ट्रीय मौसम सेवा ने चेतावनी दी है कि तेज बर्फीली हवाओं और कम दृश्यता के कारण हालात अभी और चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने इसे पिछले एक दशक के सबसे शक्तिशाली तूफानों में शुमार किया है। इस प्रणाली को ‘बम चक्रवात’ की श्रेणी में रखा गया है—ऐसी स्थिति तब बनती है जब 24 घंटे में वायुदाब में तीव्र गिरावट दर्ज हो और ठंडी आर्कटिक हवा गर्म वायु से टकराए।
स्कूलों, दफ्तरों और सांस्कृतिक संस्थानों पर भी असर पड़ा है। बोस्टन और न्यूयॉर्क में सार्वजनिक स्कूल बंद रहे, जबकि फिलाडेल्फिया में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की गईं। संयुक्त राष्ट्र को अपनी सुरक्षा परिषद की बैठक टालनी पड़ी। शहरों में डिलीवरी सेवाएं भी सीमित कर दी गईं।
प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है, क्योंकि तेज हवाओं के साथ भारी, गीली बर्फ पेड़ों और बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, स्थिति सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।


