
The live ink desk. भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय सहयोग ने एक निर्णायक मोड़ लेते हुए दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय खोल दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुंबई में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने कुल 21 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस व्यापक पैकेज के तहत रक्षा, अंतरिक्ष, उन्नत प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य विज्ञान, कौशल विकास और खनिज संसाधनों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को संस्थागत स्वरूप दिया गया है।
दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को औपचारिक रूप से ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा देने की घोषणा की। यह उन्नयन केवल कूटनीतिक शब्दावली तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्ष 2047 तक के लिए साझा विकास दृष्टि और रणनीतिक समन्वय का स्पष्ट खाका प्रस्तुत करता है।

21 समझौतों का दायरा: रक्षा से नवाचार तक
वार्ता के दौरान जिन प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी, उनमें शामिल हैं—
- द्विपक्षीय संबंधों का रणनीतिक उन्नयन
- ‘होराइजन 2047’ रोडमैप की वार्षिक समीक्षा हेतु विदेश मंत्रिस्तरीय संवाद तंत्र
- भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष और संयुक्त इनोवेशन नेटवर्क की स्थापना
- रक्षा सहयोग समझौते का नवीनीकरण
- उन्नत प्रौद्योगिकी विकास समूह का गठन
- महत्वपूर्ण खनिज और धातु संसाधनों में सहयोग
- हेल्थ एआई और मेटाबोलिक विज्ञान के लिए इंडो-फ्रेंच अनुसंधान केंद्र
- एरोनॉटिक्स क्षेत्र में कौशल विकास केंद्र
- नवीकरणीय ऊर्जा और डाक सेवाओं में सहयोग
भारत में बनेगा H-125 हेलीकॉप्टर
वार्ता के दौरान रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम भी उठाया गया। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने संयुक्त रूप से Airbus तथा Tata Advanced Systems Limited (टीएएसएल) की साझेदारी में स्थापित हेलीकॉप्टर विनिर्माण इकाई का शुभारंभ किया।
कर्नाटक के वेमागल स्थित इस संयंत्र में अगले वर्ष से H-125 हेलीकॉप्टर का निर्माण आरंभ होगा। यह वही एकल-इंजन हल्का हेलीकॉप्टर है, जो अत्यधिक ऊंचाई—यहां तक कि Mount Everest—पर संचालन में सक्षम माना जाता है।
प्रारंभिक चरण में प्रतिवर्ष 10 नागरिक हेलीकॉप्टरों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जबकि आगामी 20 वर्षों में 500 इकाइयों के उत्पादन की दीर्घकालिक योजना है। यह हेलीकॉप्टर पायलट सहित छह यात्रियों को ले जाने में सक्षम है और सैन्य व असैन्य दोनों प्रकार के अभियानों में उपयोगी होगा।
यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ पहल को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ते हुए भारत को एयरोस्पेस विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण
रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और फ्रांसीसी कंपनी Safran के बीच संयुक्त उद्यम की है, जिसके तहत ‘HAMMER’ मिसाइल प्रणाली के उत्पादन को गति दी जाएगी। साथ ही, दोनों देशों की थल सेनाओं के अधिकारियों की परस्पर तैनाती पर भी सहमति बनी है, जिससे सैन्य समन्वय और इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूती मिलेगी।
संयुक्त वक्तव्य में दोनों देशों ने लोकतांत्रिक मूल्यों, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और वैश्विक संस्थागत सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि समकालीन वैश्विक चुनौतियों—विशेषकर यूरोप और पश्चिम एशिया के संघर्ष क्षेत्रों तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता—के समाधान हेतु संवाद और कूटनीतिक प्रयासों को समर्थन जारी रहेगा।
आतंकवाद के विरुद्ध ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति पर भी दोनों राष्ट्रों ने एक स्वर में प्रतिबद्धता जताई। राष्ट्रपति मैक्रों तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। मुंबई में उच्चस्तरीय बैठकों के बाद वे नई दिल्ली में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में भाग लेंगे, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल शासन और तकनीकी नैतिकता जैसे विषयों पर वैश्विक विमर्श होगा।
विश्लेषकों के अनुसार, यह दौरा केवल द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक शक्ति संरचना में भारत-फ्रांस समीकरण को एक निर्णायक आयाम प्रदान करने वाला कदम है।