माघ मेला 2026: महाशिवरात्रि पर उमड़ी आस्था की भीड़, घंट-घड़ियाल से गूंजे शिवालय

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। माघ मेला क्षेत्र में स्थित संगम सहित गंगा के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर 12 बजे तक 26 लाख, दो बजे तक 30 लाख और चार बजे तक 36 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान कर धर्मलाभ अर्जित किया। हर-हर महादेव के जयघोष और शंखनाद से पूरा मेला क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
गंगा,यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी के पवित्र संगम की रेती पर लगे विश्व के सबसे बड़े धार्मिक मेले का रविवार को 44 वां और अंतिम दिन है। माघ मेले के छठवें और आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर संगम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ब्रह्म मुहूर्त में आस्था की डुबकी लगाई। मेला अधिकारी ऋषिराज के मुताबिक सुबह सात तक 16 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।

सिर्फ संगम और गंगा घाट ही नहीं, बल्कि यमुना तट और शहर के प्रमुख मंदिरों में भी दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। यमुना किनारे स्थित मनकामेश्वर धाम, सिविल लाइंस क्षेत्र का हनुमान मंदिर (सिविल लाइंस), गंगा तट पर विराजमान बंधवा हनुमान (लेटे हुए हनुमानजी), दरियाबाद स्थित तक्षक तीर्थ तथा पड़िला क्षेत्र का पड़िला महादेव धाम श्रद्धालुओं से खचाखच भरे रहे। शिवभक्तों ने लंबी कतारों में लगकर दर्शन-पूजन किया।
यमुनापार के लालापुर इलाके में स्थित मनकामेश्वर मंदिर (लालापुर) में भी तड़के सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। यहां श्रद्धालुओं ने दूध, गंगाजल, शहद, घृत और गन्ने के रस से भगवान शिव का विधिवत अभिषेक किया। इसके बाद बिल्वपत्र, पुष्प, धतूरा और भस्म अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन और स्नान की सुविधा मिल सके। महाशिवरात्रि पर प्रयागराज पूरी तरह शिवमय हो उठा और श्रद्धा, आस्था व अनुशासन का अनुपम दृश्य पूरे दिन बना रहा।