The live ink desk. भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी की हालिया शादी को लेकर प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि अवि प्रसाद ने तीसरा विवाह किया है। यह विवाह अंकिता धाकरे से हुआ है, जो स्वयं भी भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। दोनों अधिकारियों का यह निर्णय पूरी तरह व्यक्तिगत बताया जा रहा है और यह विवाह दोनों पक्षों के पूर्व वैवाहिक संबंधों के विधिवत रूप से समाप्त होने के बाद संपन्न हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, अवि प्रसाद मध्य प्रदेश कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के पद पर कार्यरत रहे हैं। इससे पहले वे राज्य के विभिन्न जिलों में जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां उनके प्रशासनिक कार्यों की सराहना भी होती रही है। उनका पैतृक निवास उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बताया जाता है।
इस विवाह को लेकर चर्चा का एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि अवि प्रसाद की पूर्व दोनों पत्नियां भी भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी रही हैं—पहली पत्नी 2014 बैच और दूसरी पत्नी 2016 बैच की आईएएस अधिकारी थीं। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान विवाह से पहले सभी पूर्व वैवाहिक संबंध कानूनी रूप से समाप्त हो चुके थे।
प्रशासनिक सूत्रों और जानकारों का कहना है कि किसी भी अधिकारी का वैवाहिक निर्णय उसका निजी विषय होता है, जब तक वह कानून और सेवा नियमों के दायरे में हो। इस मामले में भी इसे एक व्यक्तिगत निर्णय के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उनके पेशेवर दायित्वों से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
कुल मिलाकर, यह प्रकरण भले ही चर्चा में हो, लेकिन यह दो वयस्क अधिकारियों का निजी जीवन से जुड़ा फैसला है, जिसे संवैधानिक और कानूनी दायरे में लिया गया माना जा रहा है।




