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Lufthansa Airlines: जर्मनी में 800 उड़ानें रद्द, एक लाख यात्री प्रभावित

पायलट्स और केबिन क्रू ने की एक दिवसीय हड़ताल

The live ink desk. जर्मनी की प्रमुख विमानन कंपनी लुफ्थांसा में श्रमिक संगठनों के आह्वान पर पायलटों और केबिन क्रू ने एकदिवसीय हड़ताल की, जिसके चलते देशभर में हवाई सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित रहीं। कंपनी को करीब 800 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि लगभग एक लाख यात्रियों की यात्रा योजनाएं बाधित हुईं।

सबसे अधिक प्रभाव फ्रैंकफर्ट, बर्लिन, हैम्बर्ग और ड्यूसलडॉर्फ हवाई अड्डों पर देखा गया, जहां बड़ी संख्या में उड़ानें निरस्त या विलंबित रहीं। म्यूनिख एयरपोर्ट पर स्थिति अपेक्षाकृत सामान्य रही और अधिकांश उड़ानें समयानुसार संचालित होती रहीं। हड़ताल के कारण टर्मिनलों पर यात्रियों की लंबी कतारें और अनिश्चितता का माहौल देखा गया।

विवादों में पेंशन और पुनर्गठन योजना

लुफ्थांसा प्रबंधन के अनुसार, यह औद्योगिक कार्रवाई पेंशन लाभ और सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों को लेकर चल रहे मतभेदों का परिणाम है। पायलट बेहतर सेवानिवृत्ति पैकेज और दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा गारंटी की मांग कर रहे हैं।

वहीं केबिन क्रू यूनियन ‘यूएफओ’ ने आरोप लगाया है कि कंपनी अपनी सहायक इकाई ‘सिटीलाइन’ को बंद कर कर्मचारियों को नई संरचना में स्थानांतरित करना चाहती है, जिससे रोजगार सुरक्षा और कार्य-शर्तों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। यूनियन का कहना है कि प्रबंधन सामूहिक सामाजिक समझौते पर बातचीत से बच रहा है, जिसके विरोध में यह हड़ताल की गई।

लागत कटौती के दबाव में कंपनी

लुफ्थांसा ने पिछले वर्ष सिटीलाइन के परिचालन और कर्मचारियों को एक नई सहायक कंपनी में स्थानांतरित करने की योजना की घोषणा की थी। यह कदम बढ़ते ऋण और प्रतिस्पर्धात्मक दबाव के बीच लागत घटाने की रणनीति का हिस्सा बताया गया।

हाल के वर्षों में कंपनी की लाभप्रदता यूरोप की अन्य प्रमुख एयरलाइनों की तुलना में कमजोर रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में सितंबर में लुफ्थांसा ने अपने कुल कार्यबल का लगभग चार प्रतिशत—करीब 4,000 पद—कम करने की घोषणा भी की थी।

प्रबंधन और यूनियनों में टकराव

लुफ्थांसा ने हड़ताल को “यात्रियों पर असंतुलित और अत्यधिक प्रभाव डालने वाला कदम” बताया है। कंपनी का कहना है कि वह वार्ता के माध्यम से समाधान चाहती है, लेकिन यूनियनें अपने रुख पर कायम हैं।

उल्लेखनीय है कि लुफ्थांसा समूह यूरोप की सबसे बड़ी विमानन कंपनियों में शामिल है। इसके अंतर्गत स्विस इंटरनेशनल एयरलाइंस, ऑस्ट्रियन एयरलाइंस और ब्रसेल्स एयरलाइंस जैसी प्रमुख कंपनियां भी संचालित होती हैं। ऐसे में जर्मनी में हुआ यह औद्योगिक गतिरोध व्यापक यूरोपीय विमानन नेटवर्क पर भी असर डाल सकता है।

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