सात हाईस्पीड कारिडोर के लिए रेलवे ने जारी किए निर्देश, UP भी शामिल

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने देश में हाई स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बजट 2026 में घोषित सात नई बुलेट ट्रेन परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। रेल मंत्रालय ने नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) को इन परियोजनाओं पर तत्काल कार्यवाही शुरू करने को कहा है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड की ओर से औपचारिक पत्र जारी कर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे बोर्ड के अनुसार जिन सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, उनमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी तथा वाराणसी से सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित बुलेट ट्रेन मार्ग शामिल हैं। इन कॉरिडोर को देश के प्रमुख औद्योगिक, आईटी और धार्मिक केंद्रों को जोड़ने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रेलवे बोर्ड ने एनएचएसआरसीएल को निर्देश दिया है कि जिन परियोजनाओं के लिए पहले से विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किए जा चुके हैं, उन्हें वर्तमान लागत, निर्माण व्यय और अनुमानित पूर्णता लागत के आधार पर अद्यतन किया जाए। संशोधित डीपीआर के जरिए आर्थिक आंतरिक प्रतिफल दर और वित्तीय आंतरिक प्रतिफल दर का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि परियोजनाओं की व्यावहारिकता और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। विशेष रूप से वाराणसी–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए डीपीआर तैयार करने का कार्य प्राथमिकता के साथ शीघ्र शुरू करने को कहा गया है।
रेल मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि हैदराबाद–बेंगलुरु और हैदराबाद–चेन्नई बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के डीपीआर, जो पहले दक्षिण मध्य रेलवे के पास थे, अब एनएचएसआरसीएल को सौंप दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी हाई स्पीड रेल परियोजनाएं एक ही एजेंसी के माध्यम से समन्वित रूप से आगे बढ़ें और निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
रेलवे बोर्ड ने बुलेट ट्रेन परियोजनाओं के लिए देशव्यापी स्तर पर एक समान तकनीकी और परिचालन मानक तय करने पर भी जोर दिया है। इसके तहत एक समर्पित कोर टीम के गठन, प्रत्येक कॉरिडोर के लिए फील्ड स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और पूर्व-निर्माण गतिविधियों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निविदा प्रक्रिया, अनुबंध दस्तावेजों की तैयारी और तकनीकी प्रक्रियाओं को प्रारंभिक चरण में ही शुरू करने को कहा गया है।
इसके अलावा परियोजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तकनीकी मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया है। रेलवे बोर्ड ने एनएचएसआरसीएल को परियोजना-वार स्टाफ की आवश्यकता का आकलन कर पर्याप्त जनशक्ति की योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
रेल मंत्रालय ने इन सातों बुलेट ट्रेन परियोजनाओं की प्रगति पर करीबी निगरानी रखने के संकेत देते हुए एनएचएसआरसीएल से साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से देश में हाई स्पीड रेल नेटवर्क को नई गति मिलेगी और प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह पहल भारत को आधुनिक रेल परिवहन व्यवस्था की दिशा में और मजबूत करने की रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।


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