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शिकायती पत्र में लिखवाएं मोबाइल नंबर और निस्तारण के बाद लें फीडबैकः जिलाधिकारी

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने किया बारा तहसील का औचक निरीक्षण

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने गुरुवार को तहसील बारा पहुंचकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहन पड़ताल की। उन्होंने तहसील परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों, न्यायालयों और पटल का औचक निरीक्षण कर साफ कहा कि अब ढिलाई, अनावश्यक देरी और अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के कार्यालयों में अभिलेखों के रखरखाव, पत्रावलियों की स्थिति, लंबित मामलों और जनसुनवाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, साथ ही कार्यालयों में साफ-सफाई, अनुशासन और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

ससमय निस्तारित हों शिकायतें

जिलाधिकारी ने जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को एक ही काम के लिए तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए शिकायत निस्तारण की निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने को कहा गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक शिकायत पत्र में शिकायतकर्ता का नाम और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज हो तथा निस्तारण के बाद फीडबैक अवश्य लिया जाए।

पुराने मुकदमों पर कसा शिकंजा

उपजिलाधिकारी न्यायालय के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने वर्ष 2013 से लंबित सबसे पुराने प्रकरण की फाइल मंगाकर देखी और तत्काल सुनवाई कर निस्तारण के निर्देश दिए। पांच वर्ष और तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों की विशेष छंटनी कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने को कहा गया। उन्होंने सभी फाइलों का रजिस्टर में समुचित अंकन और लंबित व निस्तारित प्रकरणों को अलग-अलग, सुव्यवस्थित ढंग से रखने के निर्देश दिए।

लंबित मामलों पर तेवर तल्ख

तहसीलदार न्यायालय के निरीक्षण में वर्ष 2014 से लंबित धारा-35 (म्यूटेशन) से संबंधित प्रकरण पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। नायब तहसीलदार बारा और शंकरगढ़ न्यायालयों में भी पुराने लंबित मामलों को सूचीबद्ध कर नियमित सुनवाई के माध्यम से निस्तारित करने को कहा गया। अंश निर्धारण, वरासत और अन्य अविवादित मामलों में तत्काल निर्णय के निर्देश दिए गए।

वसूली व्यवस्था पर फोकस

अभिलेखागार के निरीक्षण में पुराने अभिलेखों के रखरखाव में खामियां मिलने पर जिलाधिकारी ने टेपिंग और बाइंडिंग कराकर दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। संग्रह अनुभाग में बड़े बकायेदारों की जानकारी लेते हुए स्पष्ट किया कि वसूली न होने की स्थिति में संपत्ति का मूल्यांकन कर नीलामी की कार्रवाई की जाए।

साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था

तहसील परिसर में जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए आगणन तैयार कर प्रस्ताव भेजने को कहा गया। साथ ही परिसर में पेयजल और स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के अंतिम चरण में जिलाधिकारी ने ग्राम टिकरीकला स्थित अमृत सरोवर के खुदाई कार्य का जायजा लिया। तालाब की पैमाइश कर वास्तविक क्षेत्रफल और सीमाओं की पुष्टि कराने के निर्देश देते हुए कहा कि अभिलेखों में दर्ज संपूर्ण क्षेत्रफल के अनुसार ही निर्माण कराया जाए, साथ ही अमृत सरोवर के पूर्ण विकास का निर्देश दिया।

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