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पश्चिम एशिया संकट में निर्यातकों के साथ खड़ी है केंद्र सरकारः गोयल

संभावित प्रभावों से बचाने के लिए उठाए जा रहे सक्रिय कदम

नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत सरकार ने निर्यात क्षेत्र को संभावित प्रभावों से बचाने के लिए सक्रिय कदम उठाने की बात कही है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने शुक्रवार को कहा कि सरकार भारतीय निर्यातकों को राहत देने और उनके कारोबार को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक नीतिगत और प्रशासनिक उपायों का उपयोग करेगी।

नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम ( Bharat Mandapam( में आयोजित IIFT Vice Chancellor Conclave 2026 के दौरान संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मंत्री ने बताया कि निर्यात से जुड़े मुद्दों की नियमित समीक्षा के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया गया है।

यह समूह रोजाना बैठक कर स्थिति का आकलन कर रहा है और निर्यातकों से सीधे संवाद भी स्थापित कर रहा है। गोयल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारतीय कंपनियां अपने विदेशी ग्राहकों के साथ किए गए अनुबंधों और आपूर्ति प्रतिबद्धताओं को पूरा कर सकें। उन्होंने कहा कि निर्यातकों से लगातार प्रतिक्रिया ली जा रही है।

मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण समुद्री मार्गों और लॉजिस्टिक्स पर दबाव बढ़ा है, जिससे माल ढुलाई की लागत में वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर Ministry of Commerce and Industry लगातार Ministry of Ports, Shipping and Waterways तथा विभिन्न शिपिंग कंपनियों के साथ चर्चा कर रहा है, ताकि निर्यातकों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम किया जा सके।

इस अवसर पर मंत्री ने Indian Institute of Foreign Trade के कुलपतियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा को सेवा क्षेत्र के निर्यात के रूप में विकसित करने की भारत में व्यापक संभावनाएं हैं। उनके अनुसार भारतीय शैक्षणिक संस्थान वैश्विक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और इससे देश की निर्यात आय में भी वृद्धि हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया में हालिया सैन्य तनाव के बाद समुद्री परिवहन और व्यापार मार्गों में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसके कारण इस क्षेत्र में भेजी जाने वाली भारतीय निर्यात खेपों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। सरकार का कहना है कि इस स्थिति में निर्यातकों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

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