आलस और नकारेपन का कारण बन रहीं सुविधाएं : कमल महराज

हनुमान जयंती पर दिखा भक्ति और संस्कृति का संगम, श्री मनकामेश्वर धाम महोत्सव का भव्य शुभारंभ
प्रयागराज (आलोक गुप्ता). श्री मनकामेश्वर धाम लालापुर महोत्सव आयोजित किया गया है। सनातन परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता को समर्पित 23वें महोत्सव का शुभारंभ गुरुवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। भगवान रामेश्वरम वाटिका में आयोजित इस आठ दिवसीय आयोजन की शुरुआत हनुमान जयंती के पावन अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना और मंगलाचरण के साथ की गई।
महोत्सव के प्रथम दिवस बेंगलुरु से पधारे कथा व्यास कमल भाई महाराज ने भक्तमाल कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि सनातन धर्म में भाव और श्रद्धा का विशेष महत्व है। उनके अनुसार, यदि कथा से किसी एक व्यक्ति के भीतर भी सकारात्मक परिवर्तन आ जाए, तो आयोजन का उद्देश्य सफल माना जाता है। उन्होंने हनुमान जी को कलियुग का साक्षात देव बताते हुए नाम-स्मरण की महिमा पर प्रकाश डाला।
कमल महराज ने कहा, आज हमें जितनी सुविधाएं मिल रही हैं, उतने ही हम नकारे होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, जब आप, अपने की बुराई करते हैं और पड़ोसी को सराहते हैं, यही कलयुग है। आज हमारे सनातन की स्थिति बहुत खराब हो गई है। हम चाहते है छह माह के लिए गैस बंद ही कर दी जाए, कम से कम लोगों को गाय और लकड़ी की महिमा तो पता चल सके।
महोत्सव में हरिनारायण रामानुज दास द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया जा रहा है। इसके साथ ही अमेरिका में सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार से जुड़े स्वामी नित्यानंद गिरि भी अपने प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश देंगे।
आयोजक सूर्यनिधान पांडेय ने बताया कि कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक किया जाएगा। पूरे महोत्सव के दौरान भक्ति संगीत, सांस्कृतिक संध्या, कवि सम्मेलन, संतों के प्रवचन और विभिन्न कलात्मक प्रस्तुतियों का आयोजन होगा।
इसके अलावा समाज, प्रशासन, कला और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने की भी योजना है। आयोजकों का मानना है कि यह महोत्सव क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण को सुदृढ़ करेगा और लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य करेगा।
महोत्सव का समापन 10 अप्रैल को महाप्रसाद भंडारे के साथ होगा। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ अर्जित करने की अपील की है।

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