बरेली जोन के 45 थानों में क्रेच की सुविधा, महिला कर्मियों को मिलेगी राहत
लखनऊ (विजय मिश्र). उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत महिला पुलिसकर्मियों के लिए कार्यस्थल को अधिक अनुकूल और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। प्रदेश के विभिन्न थानों में अब महिला पुलिसकर्मियों के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए क्रेच (शिशु गृह) की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसी क्रम में बरेली परिक्षेत्र में कुल 45 शिशु गृह स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे ड्यूटी के दौरान महिला कर्मियों को अपने बच्चों की देखभाल को लेकर होने वाली चिंता से काफी हद तक राहत मिली है।
बरेली परिक्षेत्र में शुरू की गई इस पहल को महिला सशक्तिकरण और कार्य-जीवन संतुलन की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में अन्य परिक्षेत्रों और जनपदों में भी इसी तर्ज पर शिशु गृह की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक महिला पुलिसकर्मियों को इसका लाभ मिल सके। यह व्यवस्था न केवल पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि एक संवेदनशील और आधुनिक कार्यसंस्कृति को भी मजबूत आधार प्रदान करेगी।
बच्चों के देखरेख के सारे प्रबंधः अजय कुमार साहनी
पुलिस उपमहानिरीक्षक बरेली परिक्षेत्र अजय कुमार साहनी के अनुसार, यह व्यवस्था विशेष रूप से उन महिला पुलिसकर्मियों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है, जिनके बच्चे कम उम्र के हैं और जिन्हें लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। थानों में बनाए गए शिशु गृह सुरक्षित, साफ-सुथरे और बुनियादी सुविधाओं से युक्त हैं, जहां बच्चों की देखरेख के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। इससे महिला पुलिसकर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन अधिक एकाग्रता और आत्मविश्वास के साथ करने में मदद मिल रही है।
शाहजहांपुर के सभी थानों में शिशु गृह की सुविधा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा मिशन शक्ति अभियान 5.0 के तहत महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए यह पहल की गई है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर पुलिस उपमहानिरीक्षक बरेली परिक्षेत्र अजय कुमार साहनी के निर्देशन में बरेली में यह व्यवस्था लागू की गई। उत्तर प्रदेश की बात करें तो जनपद बरेली में 10, बदायूं में 7, पीलीभीत में 5 शिशु गृह स्थापित किए गए हैं, जबकि शाहजहांपुर जनपद के सभी 23 थानों में क्रेच सुविधा उपलब्ध करा दी गई है




