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प्रख्यात न्यूरो सर्जन कार्तिकेय शर्मा के खिलाफ मुकदमा, छेड़खानी का आरोप

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के क्लाइव रोड स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान युवती के साथ कथित अभद्रता और अनुचित व्यवहार का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने न्यूरो सर्जन डॉ. कार्तिकेय शर्मा के खिलाफ बीएनएस की धारा 74, 76 और 127(2) के तहत केस दर्ज कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर के एक इलाके की रहने वाली एमए की छात्रा लंबे समय से माइग्रेन (सिरदर्द) की समस्या से पीड़ित है। बुधवार शाम वह अपने भाई के साथ इलाज के लिए संबंधित डॉक्टर के क्लिनिक पहुंची थी। बताया गया है कि मरीजों को क्रम संख्या के आधार पर देखा जा रहा था और युवती का नंबर देर से आया। इस दौरान उसका भाई किसी कारणवश घर लौट गया था।

पीड़िता का आरोप है कि नंबर आने पर डॉक्टर ने केबिन के अंदर मौजूद अन्य मरीजों को बाहर भेज दिया और उसे अकेले जांच के लिए अंदर बुलाया। इसी दौरान डॉक्टर ने इलाज के नाम पर उससे कपड़े उतरवाए और फिर अनुचित तरीके से छूते हुए आपत्तिजनक हरकत की। युवती का कहना है कि वह इस व्यवहार से घबरा गई और किसी तरह बाहर निकलकर परिजनों को जानकारी दी।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए और वहां विरोध जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण होते देख अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आरोप है कि इस दौरान डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। पूरे घटनाक्रम का वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो तेजी से वायरल हो रहा है।

सूचना पर पहुंची सिविल लाइंस थाना पुलिस ने भीड़ को शांत कराया और हालात को नियंत्रण में लिया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की और प्रारंभिक जानकारी जुटाई। एसीपी सिविल लाइंस विद्युत गोयल ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

उन्होंने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर ली गई है। साथ ही, अस्पताल स्टाफ, अन्य मरीजों और घटना के समय मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के सामने आने के बाद शहर में निजी अस्पतालों में सुरक्षा और मरीजों के साथ व्यवहार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं—चिकित्सकीय प्रक्रिया, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और दोनों पक्षों के दावों—की बारीकी से जांच कर रही है।

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