
अमेरिका-इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई का दावा, आईडीएफ ने जारी की फोटो
The live ink desk. पश्चिम एशिया में तनाव अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर लगातार दूसरे दिन सैन्य हमले किए जाने का दावा किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार को कहा कि हालिया हमलों में ईरान के 48 वरिष्ठ नेता मारे गए हैं और तेहरान अब वार्ता के लिए तैयार होने के संकेत दे रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, शनिवार को हुए प्रारंभिक हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हुई। ईरान की ओर से इस संबंध में आधिकारिक और स्पष्ट पुष्टि सामने नहीं आई है।
आईडीएफ के द्वारा जारी की गई सूचना के मुताबिक इरानियन चीफ आफ स्टाफ अब्दुल रहीम, रक्षा मंत्री, खामेनेई के सलाहकार, आईआरजीसी प्रमुख, एसपीएनडी के चेयरमैन, इंटेलीजेंस के हेड भी इजरायली हमले में मौत हुई है।

बी-2 बॉम्बर से अंडरग्राउंड ठिकानों पर हमले
अमेरिकी वायुसेना ने हमलों में Northrop Grumman B-2 Spirit स्टील्थ बॉम्बर विमानों का उपयोग करने की बात कही है। इन विमानों के जरिए भूमिगत बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया। इजरायली सेना Israel Defense Forces के अनुसार, पिछले 24 घंटों में अमेरिका के सहयोग से 1,200 से अधिक बम गिराए गए।
इजरायली पक्ष का कहना है कि खामेनेई के कार्यालय परिसर पर लगभग 30 मिसाइलें दागी गईं, जिनमें उनके परिवार के सदस्यों और कई सैन्य कमांडरों के मारे जाने का दावा किया गया है। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं हो सकी है।
ईरान में शोक की घोषणा
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शीर्ष नेतृत्व पर हमले के बाद देश में 40 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की गई है। शासन संचालन के लिए एक अस्थायी समिति गठित किए जाने की खबर है, जिसमें राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian, न्यायपालिका प्रमुख Gholam-Hossein Mohseni-Ejei और धर्मगुरु Alireza Arafi को शामिल किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि इन व्यवस्थाओं पर आधिकारिक विस्तृत बयान का इंतजार है।
नागरिक हताहतों की आशंका
हमलों का प्रभाव राजधानी Tehran सहित कई बड़े शहरों में बताया जा रहा है। स्थानीय स्रोतों के हवाले से लगभग 200 लोगों की मौत और 700 से अधिक के घायल होने की जानकारी दी गई है। एक विद्यालय परिसर पर मिसाइल गिरने की भी सूचना है, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं के हताहत होने का दावा किया गया है। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है।
ईरान का पलटवार और क्षेत्रीय प्रभाव
ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजराइल और खाड़ी क्षेत्र के कई देशों की ओर ड्रोन तथा मिसाइल हमले किए जाने का दावा किया है। कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें हैं। दुबई स्थित Burj Khalifa के आसपास ड्रोन गतिविधि की भी सूचना मिली है, हालांकि स्थानीय प्रशासन ने विस्तृत पुष्टि नहीं की है।
इजराइल का रुख और वैश्विक प्रतिक्रिया
इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि तेहरान पर सैन्य दबाव आगे भी जारी रहेगा। उनका कहना है कि यह अभियान “सुरक्षा हितों” की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है।
उधर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र ने स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की अपील की है। पेंटागन और इजरायली रक्षा प्रतिष्ठान द्वारा हमलों के वास्तविक प्रभाव का आकलन जारी बताया गया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात शीघ्र नियंत्रित नहीं हुए तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है।




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