
The live ink desk. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इजरायल ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने ईरान के तबरीज़ स्थित हवाई अड्डे पर खड़े दो लड़ाकू विमानों को सटीक हमले में तबाह कर दिया। इजरायली पक्ष के अनुसार, ये विमान उड़ान भरने की तैयारी में थे और संभावित सैन्य उपयोग से पहले ही उन्हें निशाना बनाया गया।
इजरायल की सैन्य इकाई Israel Defense Forces (आईडीएफ) ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह कार्रवाई ईरान की वायु क्षमताओं को सीमित करने और उसकी हवाई रक्षा संरचना को कमजोर करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। बयान में यह भी कहा गया कि क्षेत्रीय सुरक्षा के मद्देनजर संभावित खतरों को निष्प्रभावी करने के लिए सैन्य ढांचों पर लक्षित कार्रवाई जारी रहेगी।
कौन से विमान बनाए गए निशाना
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नष्ट किए गए विमान ईरान के बेड़े में शामिल पुराने एफ-5 और एफ-4 मॉडल के थे। Northrop F-5 और McDonnell Douglas F-4 Phantom II को ईरान ने 1970 और 1980 के दशक में अमेरिका से अधिग्रहित किया था। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, ये विमान आधुनिक हवाई युद्ध की तुलना में तकनीकी रूप से पुराने माने जाते हैं और ईरान के पास इनकी संख्या भी सीमित है।
इजरायल का दावा है कि इन विमानों को उड़ान से पहले ही नष्ट कर दिया गया, जिससे संभावित हमले या जवाबी कार्रवाई की आशंका को टाला जा सके।
सैन्य प्रतिष्ठानों पर भी एरियल अटैक
यह घटनाक्रम इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। हाल के दिनों में इजरायल द्वारा ईरान से जुड़े सैन्य प्रतिष्ठानों, मिसाइल ठिकानों और वायु रक्षा प्रणालियों पर लक्षित हमले किए जाने की खबरें सामने आई हैं। इजरायली नेतृत्व इन कार्रवाइयों को आत्मरक्षा की रणनीति का हिस्सा बताता रहा है।
हालांकि, इस ताजा दावे पर ईरान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया फिलहाल सार्वजनिक नहीं हुई है। इससे पहले ईरान द्वारा इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल एवं ड्रोन हमलों की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। सामरिक विश्लेषकों का मानना है कि इजरायल का फोकस ईरान की वायु शक्ति और सामरिक अवसंरचना को चरणबद्ध तरीके से कमजोर करने पर है। फिलहाल क्षेत्रीय स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।





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