
नई दिल्ली. चुनाव आयोग (Election Commission) ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनावों और छह राज्यों के उपचुनावों के लिए व्यापक निगरानी व्यवस्था लागू करते हुए कुल 1,111 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। इन पर्यवेक्षकों में सामान्य, पुलिस और व्यय श्रेणी के अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्यवार तैनाती के अनुसार असम में 51 सामान्य, 35 पुलिस और 50 व्यय पर्यवेक्षक, केरल में 51, 17 और 40, तमिलनाडु में 136, 40 और 151, पश्चिम बंगाल में 294, 84 और 100 तथा पुडुचेरी में 17, 4 और 17 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। इसके अलावा उपचुनाव वाले राज्यों में 8-8-8 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है।
Election Commission के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि चुनाव प्रक्रिया को हिंसा और प्रलोभन से मुक्त रखना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पर्यवेक्षकों को “आयोग की आंख और कान” के रूप में कार्य करने का निर्देश दिया गया है, ताकि हर स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
आयोग (Election Commission) ने सभी नियुक्त पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पहुंचकर जिम्मेदारी संभालें। तैनाती के बाद वे अपने संपर्क विवरण सार्वजनिक करेंगे और प्रतिदिन तय समय पर उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों व आम नागरिकों की शिकायतें सुनेंगे। इससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण को बल मिलने की उम्मीद है।



