बकरी के विवाद में बुजुर्ग की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या, दो रिश्तेदार नामजद

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). जनपद के घूरपुर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें 65 वर्षीय बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार घटना बड़ी बोगी गांव की है, जहां बकरी को लेकर हुए विवाद में दो भांजों ने अपने मामा पर लाठी से हमला कर दिया। गंभीर सिर की चोट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव ने बताया कि मृतक निशार अहमद (65) और उसके भांजे मोहम्मद गुड्डू व मोहम्मद सलमान के बीच सुबह लगभग 7 बजे बकरी के चराने को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने लाठी से कई वार किए, जिनमें सिर पर लगी चोट घातक साबित हुई। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मामले में परिजनों की तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या (धारा 302) का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। क्षेत्र में इस घटना के बाद तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसके मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
एसटीएफ ने 50 हजार के इनामी गो-तस्कर को दबोचा
दूसरी तरफ UP STF की प्रयागराज फील्ड यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी गौ-तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कर्नलगंज थाना क्षेत्र के हवाई जहाज चौराहे के पास से पकड़ा गया। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए कटरा इलाके में छिपकर रह रहा था।
पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ शैलेश प्रताप सिंह के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अब्दुल उर्फ नूर अहमद (निवासी मऊआइमा) के खिलाफ प्रतापगढ़ जिले के देल्हूपुर थाने में गौ-हत्या और मांस तस्करी के गंभीर मामले दर्ज हैं। इस प्रकरण में उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह संगठित गिरोह के साथ मिलकर गौमांस की तस्करी करता था।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर नदी किनारे अवैध रूप से पशु वध कर मांस की सप्लाई की थी। घटना के बाद से वह फरार था। एसटीएफ टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में की गई, जिसमें उपनिरीक्षक विनय कुमार तिवारी सहित टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। इस गिरफ्तारी को क्षेत्र में अवैध पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

