प्रयागराजः राष्ट्रीय लोक अदालत में 2.28 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को प्रयागराज जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का व्यापक आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायालय सहित सभी तहसीलों में आयोजित इस लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के कुल 2,28,442 मामलों का निस्तारण कर नया रिकॉर्ड बनाया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष Satya Prakash Tripathi ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर कमर्शियल कोर्ट के पीठासीन अधिकारी Sudama Prasad समेत कई न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
लोक अदालत में फौजदारी मामलों के कुल 12,149 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जबकि पारिवारिक न्यायालय में आपसी सहमति से 79 मामलों का समाधान हुआ। विशेष रूप से आठ दंपतियों के बीच सुलह-समझौता कराकर उन्हें पुनः साथ रहने के लिए प्रेरित किया गया, जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर नए सिरे से जीवन शुरू करने का संकल्प लिया।
परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश Ravindra Kumar II ने 34 मामलों का निस्तारण किया। वहीं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (उत्तरी) के पीठासीन अधिकारी Parvendra Kumar Sharma ने 265 और मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (दक्षिणी) के पीठासीन अधिकारी Nikunj Mittal ने 108 मामलों का समाधान कराया।
भूमि अधिग्रहण न्यायालय के पीठासीन अधिकारी Krishna Swaroop Dhar Dwivedi द्वारा आठ मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त ईसी एक्ट से जुड़े 651 मामलों का निपटारा अपर जिला जज Ravikant II की अदालत में किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट Trisha Mishra ने 6,242 मामलों का निस्तारण किया, जबकि रेलवे मजिस्ट्रेट Vinay Kumar Jaiswal की अदालत में 2,140 प्रकरणों का समाधान हुआ। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट Arun Kumar Yadav ने भी 1,008 मामलों का निस्तारण किया।
इसके अलावा राजस्व न्यायालयों में 1,08,707 मामलों का समाधान हुआ, जबकि वर्चुअल कोर्ट की पीठासीन अधिकारी Diksha Shri ने 8,325 चालान संबंधी मामलों का निपटारा किया। बैंक से जुड़े प्री-लिटिगेशन के 1,782 मामलों का भी समझौते के माध्यम से समाधान किया गया।
लोक अदालत के सफल आयोजन में नोडल अधिकारी एवं अपर जिला जज Ravikant II के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव Shashi Kumar ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है।

