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कोलकाता से सिलचर तक विकास का संदेश, 40000 करोड़ की परियोजनाओं की दी सौगात

नई दिल्ली/कोलकाता/सिलचर. प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल के कोलकाता और असम के सिलचर में हजारों करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। दोनों कार्यक्रमों को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने सड़क, रेलवे और बंदरगाह अवसंरचना से जुड़ी 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल सहित पूरे पूर्वी भारत में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और व्यापार, उद्योग तथा रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा।

प्रधानमंत्री ने खड़गपुर–मोरग्राम एक्सप्रेसवे, दुबराजपुर बाईपास तथा कांगसाबती और शिलाबती नदियों पर बन रहे पुलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे राज्य के विभिन्न हिस्सों में आवागमन सुगम होगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही रेलवे के आधुनिकीकरण के तहत कलाईकुंडा–कनिमाहुली रेलखंड पर स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली भी राष्ट्र को समर्पित की गई, जिससे रेल मार्गों की क्षमता और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा।

कार्यक्रम के दौरान कामाख्यागुडी, अनारा, तमलुक, हल्दिया, बीरभूम और सिउड़ी रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन’ के रूप में विकसित किए जाने का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा पुरुलिया और आनंद विहार टर्मिनल के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई गई, जिससे पश्चिम बंगाल के साथ झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने असम के सिलचर में लगभग 23,550 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि बराक घाटी क्षेत्र सांस्कृतिक विविधता और आर्थिक संभावनाओं से समृद्ध है तथा इसे पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख लॉजिस्टिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत अब देश की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ का केंद्रीय आधार बन रहा है और यह क्षेत्र भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण सेतु के रूप में उभर रहा है। उन्होंने 24 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शिलांग–सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर को इस दिशा में ऐतिहासिक परियोजना बताया। यह एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर सिलचर को मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा से बेहतर तरीके से जोड़ेगा तथा भविष्य में दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों तक पहुंच आसान करेगा।

प्रधानमंत्री ने बताया कि सिलचर में नया फ्लाईओवर शहर के यातायात दबाव को कम करेगा और छात्रों तथा स्थानीय निवासियों को राहत देगा। इसके साथ ही असम में 2,500 किलोमीटर से अधिक रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण से तेज और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि बराक घाटी के चाय बागान श्रमिकों और किसानों ने असम की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के किसानों को अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में तेजी से विकसित हो रहा आधुनिक बुनियादी ढांचा इन क्षेत्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं से उद्योग, कृषि, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।


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