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भाजपा नेता की अपीलः आओ, पिलाएं पशु-पक्षियों को पानी

एनजीओ प्रकोष्ठ के प्रांत सह संयोजक रजनीकांत श्रीवास्तव ने कहा- सेवा करने वाले कार्यकर्ताओं को मिलेगा सम्मान

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). गर्मी की दस्तक के साथ ही इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के लिए भी मुश्किल दिन शुरू हो जाते हैं। तेज धूप और सूखते जलस्रोतों के बीच कई मूक जीव प्यास से जूझते नजर आते हैं। ऐसे समय में समाज के छोटे-छोटे प्रयास उनके लिए जीवनदायी बन सकते हैं। इसी भावना के साथ भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के एनजीओ प्रकोष्ठ के प्रांत सह-संयोजक रजनीकांत श्रीवास्तव ( Rajnikant Srivastava) ने आमजन से पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि सुबह पार्कों में टहलने के दौरान ही गर्मी की तीव्रता का एहसास होने लगा है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ेगा। ऐसी स्थिति में जहां मनुष्य को राहत के साधन मिल जाते हैं, वहीं पक्षी और आवारा पशु पानी की तलाश में भटकते रहते हैं। यदि समाज के लोग थोड़ी संवेदनशीलता दिखाएं तो इन मूक प्राणियों की प्यास आसानी से बुझाई जा सकती है।

उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि घर के बाहर, छतों पर, पार्कों में, मंदिरों के पास, पेड़ों की छाया में या मोहल्लों के सुरक्षित स्थानों पर मिट्टी के बर्तन, परिंडे या पानी से भरे पात्र रखें। उनका कहना है कि जब कोई प्यासा पक्षी उस पानी को पीकर राहत पाता है या कोई पशु अपनी प्यास बुझाता है, तो वह दृश्य मानवता और प्रकृति के साथ हमारे संबंध की सच्ची झलक बन जाता है।

श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय परंपरा हमेशा से प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति करुणा और सह-अस्तित्व का संदेश देती रही है। यदि हर व्यक्ति अपने घर या आसपास एक पानी का पात्र रख दे, तो यह छोटी-सी पहल मिलकर बड़े स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला सकती है। यह केवल सेवा नहीं बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।

उन्होंने काशी प्रांत के सभी जिला संयोजकों और सह-संयोजकों से अपने-अपने क्षेत्रों में समितियों के सहयोग से पशु-पक्षियों के लिए प्याऊ और पानी के पात्र लगाने का अभियान चलाने का आग्रह किया। साथ ही बताया कि जो सामाजिक कार्यकर्ता, स्वयंसेवक या संगठन इस पहल में सक्रिय भूमिका निभाएंगे, उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जो भी कार्यकर्ता इस सेवा कार्य में भाग ले रहे हैं, वे अपने प्रयासों की जानकारी और तस्वीरें हेल्पलाइन नंबर 9415970989 पर भेज सकते हैं।

अंत में उन्होंने समाज से आह्वान किया कि इस गर्मी में हर व्यक्ति यह संकल्प ले कि उसके आसपास कोई भी पशु या पक्षी प्यासा न रहे। छोटी-सी करुणा और संवेदना से भरा यह कदम प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को और मजबूत बना सकता है।

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