
The live ink desk. पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में हवाई हमले किए, जिनमें एक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल कर्मचारियों सहित 12 लोगों की जान चली गई। लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार यह हमला बुर्ज कलाविया शहर में स्थित एक चिकित्सा केंद्र को निशाना बनाकर किया गया।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि हमले के समय क्लिनिक में कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे, जो क्षेत्र के लोगों को चिकित्सा सेवाएं दे रहे थे। अचानक हुए हमले में भवन को गंभीर क्षति पहुंची और वहां मौजूद चिकित्सा स्टाफ की मौत हो गई। इस घटना ने क्षेत्र में मानवीय संकट की चिंता को और बढ़ा दिया है।
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि इससे पहले दक्षिणी लेबनान के सवानेह शहर में भी एक अन्य हमले में हिज़्बुल्लाह और उसके सहयोगी अमल आंदोलन से जुड़े दो पैरामेडिक्स मारे गए थे। लगातार हो रहे हमलों के कारण सीमा क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
इस बीच इजराइली सेना ने शुक्रवार को लिटानी नदी पर बने एक महत्वपूर्ण पुल को भी निशाना बनाकर नष्ट कर दिया। सेना का कहना है कि यह पुल हिज़्बुल्लाह द्वारा उत्तरी और दक्षिणी लेबनान के बीच सैनिकों और हथियारों की आवाजाही के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि यह सैन्य कार्रवाई आगे होने वाली व्यापक कार्रवाई की शुरुआत मात्र है। उन्होंने चेतावनी दी कि लेबनान को हिज़्बुल्लाह द्वारा राष्ट्रीय ढांचे के सैन्य उपयोग की कीमत चुकानी पड़ेगी।
दूसरी ओर हिज़्बुल्लाह के प्रमुख Naim Qassem ने कहा कि उनका संगठन इजराइल के साथ लंबे संघर्ष के लिए तैयार है। उन्होंने इस टकराव को “अस्तित्व की लड़ाई” बताते हुए संकेत दिया कि आने वाले समय में संघर्ष और तेज हो सकता है।
इस बीच लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इजराइल के साथ प्रत्यक्ष वार्ता का प्रस्ताव रखा था, हालांकि अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। संयुक्त राष्ट्र ने भी दक्षिणी लेबनान में अपने शांति मिशन के ठिकानों के आसपास गोलाबारी की घटनाओं की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच बढ़ती सैन्य झड़पें पूरे मध्य पूर्व में व्यापक संघर्ष का रूप ले सकती हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर असर पड़ सकता है।




