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एलपीजी की कालाबाजारी पर सख्तीः प्रदेशभर में ताबड़तोड़ छापे, FIR दर्ज

लखनऊ (विजय मिश्र). मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग तथा जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर निगरानी और प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। आम उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने और गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कालाबाजारी पर कसा कानून का शिकंजा

प्रदेशभर में प्रवर्तन टीमों द्वारा पिछले दो दिनों के दौरान व्यापक अभियान चलाते हुए कुल 2,554 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की गई। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ पांच एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी में शामिल अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 35 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। अभियान के दौरान मौके से आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 37 अन्य लोगों के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश

उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसके लिए जिलों में आपूर्ति व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने और आवश्यकतानुसार निरीक्षण एवं छापेमारी की कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में ईंधन या गैस की कमी न हो और उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के आवश्यक सेवाएं मिलती रहें।

सुनिश्चित कराई जा रही एलपीजी रिफिल

प्रदेश में कार्यरत 4,108 एलपीजी गैस वितरकों के यहां पर्याप्त मात्रा में गैस सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध बताया गया है। उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुरूप एलपीजी रिफिल की डिलीवरी नियमित रूप से कराई जा रही है। इसके अलावा भारत सरकार ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कमर्शियल सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त आवंटन की अनुमति दी है, ताकि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में गैस आपूर्ति प्रभावित न हो।

24 घंटे सक्रिय किया गया कंट्रोल रूम

आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी और उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम में खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार प्रदेशभर की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही होम कंट्रोल रूम में भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

जिलों में भी  स्थानीय प्रशासन सक्रिय

प्रदेश के सभी जिलों में भी अलग-अलग कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जो निरंतर कार्य कर रहे हैं। जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी फील्ड में जाकर आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं तथा उपभोक्ताओं को समय पर एलपीजी उपलब्ध कराने के लिए लगातार भ्रमण कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

एक दिन पहले भी हुई बड़ी कार्रवाई

इस अभियान के तहत एक दिन पहले भी प्रदेश में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई थी। प्रवर्तन टीमों ने शुक्रवार को 1,483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की थी। इस दौरान चार एलपीजी वितरकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जबकि कालाबाजारी में शामिल अन्य लोगों के विरुद्ध 20 एफआईआर दर्ज कराई गईं। मौके से छह लोगों को गिरफ्तार किया गया और 19 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई।

गैस आपूर्ति सामान्य रखने पर जोर

सरकार का कहना है कि प्रदेश में एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुरूप गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कालाबाजारी या अवैध बिक्री की किसी भी शिकायत पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।


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