
प्रयागराज पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड से प्रभावित गांवों के किया मुआयना
प्रयागराज (आलोक गुप्ता). पीपीजीसीएल (PPGCL) बारा से प्रभावित गांवों में जल व वायु की गुणवत्ता परखने को एनजीटी की टीम ने क्षेत्रका दौरा किया। प्रदूषण की शिकायत पर आई टीम ने वायु प्रदूषण की जानकारी ली, साथ ही जल का नमूना एकत्र किया।
बताते चलें कि प्रयागराज पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के द्वारा प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने की शिकायत नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) लखनऊ में की गई थी। शिकायत के बाद एनजीटी (NGT) की विशेष टीम ने बेरूई गांव पहुंचकर जांच की।
टीम ने गांव के विभिन्न हिस्सों में पर्यावरणीय स्थिति का आकलन किया। वायु प्रदूषण की जांच के लिए छतों पर विशेष मापन यंत्र लगाए गए, जिससे हवा में मौजूद हानिकारक कणों और गैसों का विश्लेषण किया जा सके, साथ ही, जल प्रदूषण की स्थिति का पता लगाने के लिए हैंडपंप और आरओ (रिवर्स ऑस्मोसिस) के पानी के सैंपल एकत्र किए गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि पीपीजीसीएल से निकलने वाली राख और धुएं के कारण हवा में प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे सांस संबंधी बीमारियां हो रही हैं। वहीं, जल प्रदूषण के चलते पीने के पानी की गुणवत्ता पर भी असर पड़ा है।
एनजीटी (NGT) की जांच के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले पर गंभीरता से कार्रवाई करेगा और क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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