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Uttar Pradesh में SIR की समय सीमा बढ़ी, अब छह मार्च तक दाखिल करें आपत्तियां

06 मार्च दावे-आपत्तियां लेने के बाद अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को होगी प्रकाशित

लखनऊ (विजय मिश्र). भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम की समयसीमा में विस्तार किया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश नवदीप रिणवा ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन से संबंधित दावे एवं आपत्तियां अब 06 मार्च 2026 तक दाखिल की जा सकेंगी। पुनरीक्षण उपरांत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 अप्रैल 2026 को किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा एवं बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। निर्धारित अवधि के दौरान मतदाता फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने हेतु), फॉर्म-7 (नाम विलोपन हेतु) तथा फॉर्म-8 (संशोधन हेतु) भरकर अपने दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं।

उन्होंने अवगत कराया कि 07 जनवरी से 04 फरवरी 2026 के बीच फॉर्म-6 के कुल 37.80 लाख तथा फॉर्म-7 के 82,684 आवेदन प्राप्त हुए हैं। पुनरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि पूर्व की मतदाता सूची में लगभग 3.26 करोड़ प्रविष्टियों में विसंगतियां थीं, जिनमें से 2.37 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए। अब तक लगभग 30.30 लाख मामलों की सुनवाई पूर्ण की जा चुकी है, जो कुल मामलों का लगभग 9.2 प्रतिशत है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा सभी दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण 27 मार्च 2026 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके पश्चात सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

उन्होंने प्रदेश के सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी प्रविष्टियों की जांच कर आवश्यकतानुसार दावे एवं आपत्तियां अवश्य प्रस्तुत करें, जिससे एक शुद्ध, अद्यतन एवं पारदर्शी मतदाता सूची सुनिश्चित की जा सके।

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