भदोही में Gender Ratio चिंताजनक, तीनों तहसीलों में अनुपात 950से नीचे

भदोही (संजय सिंह). जनपद भदोही में मतदाता सूची के अद्यतन आंकड़ों ने महिला मतदाता पंजीकरण की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तहसील-वार समीक्षा और विस्तृत डाटा विश्लेषण में सामने आया है कि जिले की तीनों तहसीलों—ज्ञानपुर, भदोही और औराई में महिला-पुरुष मतदाता अनुपात (Gender Ratio) 950 के मानक से काफी नीचे बना हुआ है। इसे लोकतांत्रिक सहभागिता की दृष्टि से चिंताजनक स्थिति माना जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार ज्ञानपुर तहसील में कुल 3,41,773 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 1,84,714 पुरुष और 1,57,036 महिला मतदाता शामिल हैं। यहां जेंडर रेशियो 850 दर्ज किया गया है। भदोही तहसील की स्थिति सबसे कमजोर पाई गई, जहां कुल 3,65,236 मतदाताओं में 1,98,489 पुरुष और 1,66,724 महिलाएं पंजीकृत हैं। इस तहसील में जेंडर रेशियो महज 840 है, जो जिले में सबसे कम है। वहीं औराई तहसील में कुल 3,28,973 मतदाताओं में 1,78,490 पुरुष और 1,50,478 महिला मतदाता हैं, जहां जेंडर रेशियो 843 दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जनपद की किसी भी तहसील में महिला मतदाता अनुपात संतोषजनक स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। इससे यह संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं अब भी मतदाता सूची से बाहर हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी, भदोही ने महिला मतदाता पंजीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं। आदेश के तहत 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाली छात्राओं की पहचान विद्यालयों, इंटर कॉलेजों, डिग्री कॉलेजों और आईटीआई संस्थानों में की जाएगी तथा Form-6 के माध्यम से उनका पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाएगा।
इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी केंद्रों, कार्यस्थलों और ग्रामीण महिला समूहों में विशेष महिला मतदाता पंजीकरण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को घर-घर जाकर प्रत्येक पात्र महिला का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जनपद की सभी महिलाओं से अपील की है कि यदि उनकी आयु 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है या 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूरी होने वाली है और उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो वे बिना विलंब Form-6 भरकर अपना पंजीकरण कराएं।
प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य महिला मतदाता पंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि कर जेंडर रेशियो में सुधार लाना है, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक समावेशी, संतुलित और सशक्त बनाया जा सके।

