अल्टीमेटमः UGC Act 2026 की बहाली तक जारी रहेगा लोकतांत्रिक प्रदर्शन

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) एक्ट 2026 की बहाली और शिक्षण संस्थानों में कथित जातिगत भेदभाव व उत्पीड़न के विरोध में शनिवार को इलाहाबाद के सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजा धरना स्थल पर एक विशाल प्रतिरोध सभा आयोजित की गई। दिन भर चले इस शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आयोजन में हजारों की संख्या में छात्र, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यूजीसी एक्ट 2026 की बहाली तक आंदोलन जारी रहेगा और इसे देशव्यापी स्तर पर विस्तार दिया जाएगा। आंदोलन के संयोजक डॉ. कमल उसरी ने कहा कि यह कानून किसी सरकार की कृपा का परिणाम नहीं है, बल्कि वर्षों से चले छात्र आंदोलनों, न्यायिक हस्तक्षेप और संसदीय प्रक्रिया की उपज है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की कमजोर पैरवी के चलते सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस पर स्थगनादेश दिया गया, जिसके खिलाफ शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से संघर्ष किया जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता, सामाजिक न्याय और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी एक्ट 2026 आवश्यक है। उन्होंने इसे छात्रों के अधिकारों से जुड़ा अहम मुद्दा बताते हुए समाज के सभी वर्गों से समर्थन की अपील की।
सभा में बड़ी संख्या में शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं ने अपने विचार रखे। इस दौरान आंदोलन को समर्थन देने वाले वक्ताओं में प्रो. विक्रम, निधि, आलोक अंबेडकर, डॉ. आशीष मित्तल, नसीम अंसारी, माताप्रसाद पाल, अधिवक्ता धीरेंद्र यादव, कमलेश चौधरी, अन्नू सिंह, अविनाश मिश्रा, डॉ. आर.के. वर्मा, प्रो. गिरीश सिंह, पी.के. सिंह सहित अनेक नाम शामिल रहे। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।
इलाहाबाद के नागरिक समाज, विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा एससी/एसटी, ओबीसी, मूलनिवासी और बहुजन समुदाय से जुड़े संगठनों के संयुक्त समन्वय से आयोजित इस सभा में कई राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने भी व्यक्तिगत स्तर पर भागीदारी करते हुए आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की।
सभा के समापन पर राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया। इसके बाद सामाजिक चिंतकों पेरियार ललई सिंह यादव और सामाजिक कार्यकर्ता सबीहा मोहानी की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही माता रमाबाई अंबेडकर की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया। इस विशाल प्रतिरोध सभा की अध्यक्षता एस. आर. मौर्य ने और संचालन डॉ. कमल उसरी ने किया।

