प्रतापगढ़ में ‘दिशा’ बैठक: जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में योजनाओं की समीक्षा

प्रतापगढ़ (हरिश्चंद्र यादव). जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक गुरुवार को विकास भवन सभागार में सांसद डॉ. शिवपाल सिंह पटेल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सांसद पुष्पेन्द्र सरोज, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी, पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
विभिन्न केंद्रीय और राज्य योजनाओं—मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण/शहरी), स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, फसल बीमा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन आदि—की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

मनरेगा के तहत अमृत सरोवरों में जलभराव सुनिश्चित करने और उन्हें नहरों से जोड़ने का मुद्दा उठा। विद्युत आपूर्ति, ओवरलोड ट्रांसफार्मर, स्कूलों में हाईटेंशन तार, ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और पेयजल योजनाओं के अधूरे कार्यों पर भी चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्रों को लाभ सुनिश्चित करने और मुसहर बस्तियों में भूमि व आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जर्जर स्वास्थ्य केंद्रों के ध्वस्तीकरण, पुलिया निर्माण और नहरों की सफाई जैसे स्थानीय मुद्दों पर संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश मिले।
सांसद ने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों और प्रस्तावों का गंभीरता से निस्तारण हो तथा कार्यों की प्रगति से उन्हें नियमित अवगत कराया जाए। जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और विकास कार्यों में पारदर्शिता व समन्वय को प्राथमिकता दी जाएगी।
‘गुड सेमेरिटन’ योजना लागूः सड़क हादसों में मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान
प्रतापगढ़. सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की त्वरित सहायता करने वाले नागरिकों को अब प्रशासनिक स्तर पर पहचान और सम्मान मिलेगा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि “गुड सेमेरिटन” योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किया जाए जो मानवता के नाते हादसा पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने में मदद करते हैं।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को बिना कानूनी झंझट के अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को शासन की ओर से पुरस्कृत करने का प्रावधान है। जनपद में ऐसे व्यक्तियों की पहचान चिकित्सा विभाग और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से करेंगे।
सत्यापन के बाद परिवहन विभाग को पुरस्कार के लिए संस्तुति भेजी जाएगी। यह प्रक्रिया प्रत्येक माह नियमित रूप से संचालित होगी, ताकि अधिक से अधिक लोग आगे आकर घायलों की जान बचाने में सहयोग करें और सड़क सुरक्षा के प्रति सामाजिक भागीदारी मजबूत हो।


