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पोर्टल पर दर्ज करवाएं संपत्तियों का ब्यौरा, योगी सरकार ने दिया अंतिम मौका

लखनऊ (विजय मिश्र).  उत्तर प्रदेश सरकार ने मानव संपदा पोर्टल पर चल और अचल संपत्ति का विवरण अपलोड न करने वाले हजारों अधिकारियों-कर्मचारियों को अंतिम अवसर देते हुए कड़ा रुख अपनाया है।

मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि 31 जनवरी तक संपत्ति विवरण दर्ज न करने वाले 47,816 कार्मिक 26 फरवरी से 10 मार्च तक अनिवार्य रूप से अपनी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करें, अन्यथा कठोर प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कितने अधिकारी-कर्मचारी पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कराते हैं और कितनों पर वास्तविक कार्रवाई होती है।

सख्ती के साथ ‘आखिरी मौका’

शासन की ओर से पूर्व में कई बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने संपत्ति विवरण दर्ज नहीं किया। यहां तक कि वेतन रोकने जैसे सख्त आदेशों के बाद भी अनुपालन अधूरा रहा। अब शासन ने इसे गंभीर प्रशासनिक अनुशासन का मामला मानते हुए प्रतिबंधात्मक कदमों की घोषणा की है।

मुख्य सचिव द्वारा सभी विभागाध्यक्षों और प्रमुख सचिवों को भेजे गए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि समयसीमा के भीतर विवरण अपलोड न करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

अपलोड करते ही मिलेगा रुका वेतन

शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो कार्मिक 10 मार्च तक अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण पोर्टल पर अपलोड कर देंगे, उन्हें तत्पश्चात जनवरी और फरवरी 2026 का वेतन जारी कर दिया जाएगा। यह सुनिश्चित करना संबंधित आहरण-वितरण अधिकारी की जिम्मेदारी होगी।

सरकार का मानना है कि मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण दर्ज करना प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शासन के इस सख्त रुख को सरकारी तंत्र में अनुशासन और जवाबदेही स्थापित करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

ये होंगे प्रतिबंध

  • ऐसे कार्मिकों के पदोन्नति प्रस्ताव पर वर्तमान चयन वर्ष में विचार नहीं किया जाएगा।
  • जिन कर्मचारियों को इस वर्ष एसीपी (Assured Career Progression) देय है, उन्हें लाभ नहीं दिया जाएगा।
  • विदेश यात्रा अथवा प्रतिनियुक्ति के लिए विजिलेंस क्लीयरेंस नहीं मिलेगी।
  • यदि बिना विवरण अपलोड किए जनवरी का वेतन आहरण-वितरण अधिकारी द्वारा जारी किया गया है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।

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