अवधउत्तर प्रदेश समाचारताज़ा खबरराज्य

चेतावनीः स्कूली वाहनों की फिटनेस का रखें ध्यान, नहीं तो हो जाएगा चालान

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर प्रशासन ने परिवहन व्यवस्था को “जीरो-टॉलरेंस” फ्रेमवर्क में लाने का फैसला किया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में संगम सभागार में हुई जिला विद्यालय परिवहन यान समिति की बैठक में वाहनों की फिटनेस से लेकर ड्राइवर की पात्रता और आपात सुरक्षा तक हर बिंदु पर टाइम-बाउंड अनुपालन तय किया गया।

बैठक में साफ कहा गया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है—किसी भी स्कूल या वाहन संचालक द्वारा नियमों की अनदेखी पर तुरंत कठोर कार्रवाई होगी। मानकों के अनुसार अब हर स्कूल वाहन में वैध फिटनेस सर्टिफिकेट, ड्राइवर का मेडिकल फिटनेस, फायर एक्सटिंग्विशर और इमरजेंसी एग्जिट (आपात निकास) अनिवार्य होगा। साथ ही सभी ड्राइवरों का पुलिस सत्यापन और ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता की जांच बिना अपवाद कराई जाएगी; अयोग्य/अवैध चालक से वाहन संचालन पर पूर्ण रोक रहेगी।

प्रवर्तन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए एआरटीओ और यातायात विभाग को सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए—स्कूल बसों/वैन की रैंडम और स्पॉट इंस्पेक्शन कर मानकों का उल्लंघन मिलने पर तुरंत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। स्कूल परिसरों के बाहर जाम-नियंत्रण भी प्राथमिकता पर रहेगा, ताकि पिक-अप/ड्रॉप के समय जोखिम कम हो।

संस्थागत व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए हर विद्यालय में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन/सक्रियकरण अनिवार्य किया गया। यह समितियां छात्रों को रोड सेफ्टी नियमों के प्रति नियमित रूप से जागरूक करेंगी और स्कूल-स्तर पर अनुपालन की निगरानी करेंगी।

बैठक में लोक निर्माण, परिवहन, स्वास्थ्य, एनएचएआई और परिवहन निगम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा टैम्पो-टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रशासन का संकेत स्पष्ट है—मानक पूरे, तभी संचालन; अन्यथा कार्रवाई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button