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एजुकेशन परफॉर्मेंस ड्राइव: 100% नामांकन, अवैध स्कूलों पर लगाएं ताला

भदोही (संजय सिंह). बुनियादी शिक्षा को परिणाम-आधारित बनाने के लिए जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति की बैठक में “नामांकन–गुणवत्ता–इन्फ्रास्ट्रक्चर” के तीन स्तंभों पर कड़ा रोडमैप लागू किया। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई मासिक समीक्षा में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि शत-प्रतिशत नामांकन, गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं और समयबद्ध निर्माण—तीनों पर एक साथ प्रगति दिखनी चाहिए, अन्यथा जवाबदेही तय होगी।

सबसे पहले क्लासरूम टाइल्स/निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे हों। किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर सीधी कार्रवाई होगी। इसके साथ ही मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, ताकि छात्रों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल सकें।

RTE (शिक्षा का अधिकार) के तहत 100% नामांकन को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए निर्देश हुआ कि कोई भी पात्र बच्चा छूटे नहीं। शेष बच्चों का तत्काल चिन्हांकन कर प्रवेश दिलाया जाए और नामांकन/पंजीकरण की गति बढ़ाकर लक्ष्य समय से हासिल किया जाए।

शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए डीएम ने अमान्य (अनधिकृत) विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए—ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर विधिक प्रक्रिया के तहत तत्काल बंद कराया जाए। यह कदम गुणवत्ता और मानकों को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी बताया गया।

कक्षा-कक्ष में सीखने के माहौल को बेहतर बनाने के लिए एक व्यवहारिक पहल पर जोर दिया गया—विद्यालयों में नियमित अखबार उपलब्ध कराना। उद्देश्य है कि विद्यार्थियों में सामान्य ज्ञान, भाषा कौशल और समसामयिक समझ विकसित हो, जिससे सीखने के परिणाम बेहतर हों।

गुणवत्ता सुधार के लिए डीआईईटी मेंटर्स को निर्देश दिया गया कि वे समयबद्ध सहयोगात्मक पर्यवेक्षण (academic mentoring) पूरा करें और शिक्षकों को कक्षा-स्तर पर आवश्यक मार्गदर्शन दें। साथ ही, जिला व विकासखंड स्तर के अधिकारियों को नियमित स्कूल निरीक्षण कर ग्राउंड-लेवल फीडबैक देने को कहा गया, ताकि कमियों पर तुरंत सुधार हो सके।

बैठक में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की प्रगति की भी समीक्षा हुई और संबंधित अधिकारियों को टाइम-बाउंड निष्पादन के निर्देश दिए गए। अंत में डीएम ने दोहराया कि शिक्षा विभाग में समन्वित प्रयास और जवाबदेही से ही स्थायी सुधार संभव है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक, एसआरजी सदस्य एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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