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Prayagraj में ‘रोड सेफ्टी रिफॉर्म पैकेज’: शहर में नो व्हीकल/नो ई-रिक्शा जोन की तैयारी

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). शहर को जाम और हादसों से राहत देने के लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में प्रशासन ने इन्फोर्समेंट + इंफ्रास्ट्रक्चर + प्लानिंग—तीनों मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई का खाका लागू किया। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया कि रेलिंग, डिवाइडर जैसी सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों—चाहे वे मैरेज हॉल, पेट्रोल पंप या होटल संचालक हों—के खिलाफ एफआईआर सहित कठोर कार्रवाई होगी।

सबसे बड़ा फोकस शहर के जाम हॉटस्पॉट्स पर रहा। चौक, घंटाघर, सिविल लाइंस, लल्ला चुंगी जैसे इलाकों में ट्रैफिक प्रबंधन के लिए 30 अप्रैल 2026, शाम 4 बजे एडीएम (नगर) की अध्यक्षता में संयुक्त बैठक बुलाई गई है, जिसमें डीसीपी ट्रैफिक, रोडवेज, परिवहन विभाग और टैम्पो-टैक्सी यूनियन मिलकर व्यवहारिक समाधान तय करेंगे। प्रस्ताव के तौर पर नो-ई-रिक्शा जोन/नो-व्हीकल जोन और पैडेस्ट्रियन जोन चिन्हित कर ‘नो ऑब्स्ट्रक्शन एरिया’ घोषित करने की तैयारी है, ताकि मुख्य चौराहों के पास पार्किंग/ठेला/वेंडिंग पूरी तरह हटाई जा सके।

बंद होगा अलोपीबाग फ्लाईओवर का कट

इन्फ्रास्ट्रक्चर मोर्चे पर अलोपीबाग फ्लाईओवर के पास बंद कट को लेकर सख्ती दिखी—पीडीए/पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को 3 दिन में काम पूरा कर रिपोर्ट देने का अल्टीमेटम दिया गया। साथ ही, शहर में स्थायी होर्डिंग्स एरिया के लिए अस्थायी भूमि चिन्हांकन कर जाम के दबाव को वितरित करने की योजना पर भी काम शुरू हुआ।

स्कूल, अस्पताल, मैरेज हाल पर फोकस

जवाबदेही तय करते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि स्कूल, अस्पताल और मैरेज हॉल को जारी नोटिसों का समेकित विवरण विभाग तुरंत उपलब्ध कराएं। बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए—संदेश साफ है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े फैसलों में कोई ढिलाई स्वीकार नहीं।

रेलिंग, डिवाइडर की सुरक्षा पर दें ध्यान

जागरूकता और डेटा की शुद्धता पर भी जोर दिया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश मिला कि रोड सेफ्टी गतिविधियों के आंकड़े 100% सत्यापन के बाद ही प्रस्तुत हों। सभी विभागों—पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई/एनएच, नगर निगम और पीडीए—को कहा गया कि उनके द्वारा विकसित मार्गों पर लगी रेलिंग/डिवाइडर की सुरक्षा सुनिश्चित करें और नुकसान की स्थिति में तुरंत विधिक कार्रवाई करें।

बैठक में लोक निर्माण, परिवहन, स्वास्थ्य, रोडवेज व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का लक्ष्य स्पष्ट है—हॉटस्पॉट-आधारित प्लानिंग, सख्त प्रवर्तन और समयबद्ध क्रियान्वयन के जरिए शहर को जाम-मुक्त और सुरक्षित बनाना।

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