
The live ink desk. दक्षिण लेबनान में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच आईडीएफ (Israel Defense Forces) ने हिजबुल्लाह के बड़े अंडरग्राउंड नेटवर्क पर सटीक हमला करते हुए एक विशाल सुरंग को ध्वस्त कर दिया। करीब 2 किलोमीटर लंबी और 25 मीटर गहराई में बनी इस सुरंग को नष्ट करने के लिए 450 टन विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। इस कार्रवाई में दर्जनों आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई हिजबुल्लाह के “रणनीतिक आतंकी ढांचे” को कमजोर करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी वीडियो संदेश में संकेत दिया कि ऐसे ऑपरेशन आगे भी जारी रह सकते हैं।
आईडीएफ के अनुसार, यह सुरंग दक्षिण लेबनान के कंतारा क्षेत्र में स्थित थी और इसे कथित तौर पर ईरान के समर्थन से विकसित किया गया था। ग्रेनाइट चट्टानों को काटकर बनाई गई इस संरचना में करीब 30 कमरे थे, जहां हथियारों का बड़ा जखीरा छिपाकर रखा गया था। सुरक्षा के लिए यहां भारी संख्या में हथियारबंद लड़ाके तैनात थे, जो हमले में मारे गए।
घटनाक्रम के समानांतर, क्षेत्र में ड्रोन हमलों का सिलसिला भी तेज हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिजबुल्लाह ने मंगलवार को इजराइली ठिकानों पर ड्रोन से हमला किया, जिसमें एक सैनिक गंभीर रूप से घायल हुआ। वहीं, एक अन्य हमले में रक्षा मंत्रालय से जुड़े 44 वर्षीय सिविलियन कॉन्ट्रैक्टर आमेर हुजिरात की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा छर्रे लगने से घायल हुआ।
विश्लेषकों के अनुसार, यह कार्रवाई इजराइल-हिजबुल्लाह टकराव के नए चरण का संकेत दे सकती है, जहां भूमिगत नेटवर्क और ड्रोन युद्ध दोनों अहम भूमिका निभा रहे हैं।


