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महाकुंभ 2025 : माघी पूर्णिमा पर 1.94 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में डुबकी

1.84 श्रद्धालुओं के साथ-साथ दस लाख कल्पवासियों ने भी पतित पावनी मां गंगा की त्रिवेणी में किया स्नान-ध्यानमौनी अमावस्या पर उमड़ा था 7.64 करोड़ सनातनियों का रेला, माघी पूर्णिमा तक 46.25 करोड़ आस्थावान पहुंचे संगम

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर लगा महाकुंभ 2025 आस्था की भीड़ से गुलजार रहा। पूरे माघ माह तक कुल 46.25 करोड़ लोगों ने डुबकी लगाई। माघी पूर्णिमा (बुधवार, 12 फरवरी) के मौके पर शाम पांच बजे तक 1.94 करोड़ लोग डुबकी लगा चुके थे। माघी पूर्णिमा के मौके पर 1.84 करोड़ लोग संगम में डुबकी लगाने आए।

महाकुंभ की इस भीड़ ने हर किसी को अचंभित कर रखा है। संगम में बीते 30 दिनों में आस्था का अटूट रेला उमड़ रहा है। माघ माह (30 दिन) भऱ चले स्नान में रोजाना औसतन 1.44 करोड़ लोगों ने संगम में स्नान किया। मां गंगा की गोद में डुबकी लगाने के लिए विश्व के कोने-कोने से लोग प्रयाग पहुंचे। आस्थावानों का यह रेला अभी भी उमड़ रहा है। स्नान, ध्यान और दान का यह सिलसिला महाशिवरात्रि तक चलने वाला है।

मौनी अमावस्या पर टूटा रिकार्ड

विशेष पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या में खासी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मौनी अमावस्या (29 जनवरी) के पर्व पर सर्वाधिक 7.64 करोड़ लोगों ने संगम में डुबकी लगाई। इससे एक दिन पूर्व (28 जनवरी) 4.99 करोड़ से ज्यादा लोगों ने संगम स्नान किया। वहीं 14 जनवरी (मकर संक्रांति) को 3.50 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया था।

नहीं थम रहा आस्थावानों का जनज्वार

आस्थावानों का रेला मौनी अमावस्या के बाद भी नहीं थम रहा है और प्रतिदिन करीब एक करोड़ और इससे ज्यादा लोग संगम में डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। महाकुंभ नगरी भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत नजर आ रही है। नौ फरवरी तक 43 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नानकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जबकि माघी पूर्णिमा के बाद यह संख्या 46.25 करोड़ पहुंच गई।

देश के कोने-कोने से जुटे आस्थावान

सूबे की योगी सरकार के द्वारा भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक आयोजन के लिए विशेष तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं,  ताकि श्रद्धालुओं को सुगम स्नान की और अन्य सुविधाएं मिल सकीं हैं। सुरक्षा, स्वच्छता और प्रबंधन के शानदार प्रयासों ने महाकुंभ को ऐतिहासिक बनाया। आस्था के इस महामेले ने न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के सनातन संस्कृति प्रेमियों को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है। स्नानार्थियों की भीड़ में देश के कोने-कोने से लोग पुण्य की कामना संग संगम पहुंचे।

इन तिथियों पर जुटे सर्वाधिक श्रद्धालु

  • 13 जनवरी (पौष पूर्णिमा) को 1.70 करोड़
  • 14 जनवरी (मकर संक्रांति) को 3.50 करोड़
  • 26 जनवरी को 1.74 करोड़
  • 27 जनवरी को 1.55 करोड़
  • 28 जनवरी को 4.99 करोड़
  • 29 जनवरी (मौनी अमावस्या) को 7.64 करोड़
  • 30 जनवरी को 2.06 करोड़
  • 31 जनवरी को 1.82 करोड़
  • 01 फरवरी को 2.15 करोड़
  • 03 फरवरी (बसंत पंचमी) को 2.57 करोड़
  • 09 फरवरी को 1.57 करोड़
  • 12 फरवरी को 1.94 करोड़

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