श्रद्धांजलि सभाः प्रयागराज में याद किए गए प्रखर समाजवादी चिंतक विनय सिन्हा

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). श्रमिक हितकारी भवन, गवर्नमेंट प्रेस परिसर में वरिष्ठ समाजवादी चिंतक, लोक स्वतंत्रता सेनानी और लोहिया विचारधारा के प्रखर संवाहक विनय सिन्हा की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नागरिक समाज, जनवादी और लोकतांत्रिक संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और साथी मौजूद रहे।
सभा की अध्यक्षता करते हुए नागरिक समाज, इलाहाबाद के संरक्षक नरेश सहगल ने कहा कि विनय सिन्हा के साथ उनका दशकों पुराना वैचारिक और आत्मीय संबंध रहा। उन्होंने उन्हें गरीबों, मजलूमों, श्रमिकों और आदिवासियों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाला समर्पित योद्धा बताया।

उन्होंने बताया कि बिहार के गया जिले से ताल्लुक रखने वाले विनय सिन्हा 1970 के दशक में सीडीए पेंशन विभाग में कार्य के सिलसिले में इलाहाबाद आए थे, लेकिन सामाजिक-राजनीतिक सरोकारों के कारण यहीं जनआंदोलनों से गहराई से जुड़ गए।
वक्ताओं ने स्मरण कराया कि आपातकाल के दौरान उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल यात्राएं कीं और बाद में सरकारी सेवा से त्यागपत्र देकर सोनभद्र क्षेत्र में आदिवासियों के बीच कार्य को अपना जीवन लक्ष्य बनाया। विधि शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में भी सेवाएं दीं।
लोहिया विचार मंच के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे विनय सिन्हा नागरिक समाज, इलाहाबाद के संरक्षक भी थे। शहर में प्रगतिशील समाजवादी वैचारिक संगोष्ठियों और सम्मेलनों के आयोजन में उनकी अग्रणी भूमिका रही, जिनसे विद्यार्थियों और नागरिकों को व्यापक वैचारिक दिशा मिली।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित वक्ताओं ने उनके साथ जुड़े संस्मरण साझा किए और देश-दुनिया के समाजवादी चिंतकों के योगदान का उल्लेख किया। सभा में इलाहाबाद नागरिक समाज के संयोजक विनोद तिवारी, पूर्व सांसद धर्मराज पटेल सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता व बुद्धिजीवी उपस्थित रहे। डॉ. आशीष मित्तल और संध्या निवेदिता द्वारा भेजे गए शोक संदेश भी पढ़े गए।
अंत में दो मिनट का मौन रखकर विनय सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभा का संचालन सतेंद्र सिंह ने किया। यह जानकारी इलाहाबाद नागरिक समाज के सह-संयोजक मनीष सिन्हा ने दी।
