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असम में NH बना रणभूमि का रनवेः मोरान ELF पर मोदी की ऐतिहासिक लैंडिंग

The live ink desk. असम ने रक्षा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज की, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर भारतीय वायु सेना का विमान मोरान बाईपास पर राष्ट्रीय राजमार्ग के विशेष रूप से विकसित हिस्से पर उतरा। यह पूर्वोत्तर भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) है, जिसे युद्ध और आपदा जैसी परिस्थितियों में सैन्य एयरस्ट्रिप के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री के आगमन पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पबित्र मार्घेरिटा सहित वायु सेना और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री इससे पहले चबुआ एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे थे, जहां से वे विशेष विमान द्वारा मोरान ईएलएफ पर आए।

राजमार्ग पर गरजे फाइटर जेट

उद्घाटन के अवसर पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अभूतपूर्व एयर शो का आयोजन हुआ। इसमें भारतीय वायु सेना के सुखोई एमकेआई-30, राफेल, एएन-32 परिवहन विमान और एएलएच हेलीकॉप्टर सहित कुल 16 विमानों ने लैंडिंग और टेकऑफ कर अपनी ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन किया। करीब 30 मिनट तक चले इस हवाई प्रदर्शन ने बड़ी संख्या में मौजूद स्थानीय नागरिकों, स्कूली बच्चों और महिलाओं को रोमांचित कर दिया।

सीमाओं के करीब सामरिक बढ़त

अधिकारियों के अनुसार मोरान ईएलएफ का रणनीतिक महत्व अत्यधिक है। यह स्थल चीन सीमा से लगभग 300 किलोमीटर और म्यांमार सीमा से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित है। युद्ध जैसे हालात में यदि पारंपरिक एयरबेस प्रभावित होते हैं, तो यह 4.2 किलोमीटर लंबी हाईवे एयरस्ट्रिप वैकल्पिक रनवे के रूप में काम करेगी। फाइटर जेट, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टरों के संचालन में सक्षम यह सुविधा पूर्वोत्तर में त्वरित सैन्य तैनाती की क्षमता को कई गुना बढ़ाएगी।

आपदा प्रबंधन में भी अहम भूमिका

सैन्य उपयोग के साथ-साथ यह ईएलएफ प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जीवनरेखा साबित होगी। बाढ़, भूकंप या बड़े पैमाने पर अवसंरचना क्षति की स्थिति में राहत सामग्री की तेज़ एयरलिफ्टिंग, इवैक्युएशन ऑपरेशन और बचाव मिशन के लिए यह वैकल्पिक लैंडिंग साइट के रूप में कार्य करेगी। अधिकारियों का कहना है कि इसकी डुअल-यूज़ क्षमता असम और पूरे पूर्वोत्तर की राष्ट्रीय सुरक्षा व आपदा प्रतिक्रिया तैयारियों को मजबूत बनाती है।

ट्रायल रन से लेकर उद्घाटन तक

इस हाईवे एयरस्ट्रिप पर बीते दिनों से ट्रायल रन चल रहे थे, जिनमें सभी प्रमुख कॉम्बैट एयरक्राफ्ट की सफल लैंडिंग कराई गई। उद्घाटन के साथ ही असम उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां रक्षा अभियानों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग को एयरस्ट्रिप के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

सी-130जे हरक्यूलिस विमान हुए रवाना

एयर शो के बाद प्रधानमंत्री मोरान से वायु सेना के सी-130जे हरक्यूलिस विमान द्वारा गुवाहाटी के लिए रवाना हो गए, जहां वे ब्रह्मपुत्र नदी पर बने छह लेन के पुल सहित कई प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। स्थानीय लोगों ने इस ऐतिहासिक पहल पर गर्व व्यक्त करते हुए इसे असम के लिए सुरक्षा और विकास—दोनों की दिशा में मील का पत्थर बताया।

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