नार्थ इंडिया को मिली पहली सेमीकंडक्टर यूनिट, मोदी ने किया वर्चुअल शिलान्यास

नोएडा. उत्तर भारत के औद्योगिक परिदृश्य में शनिवार को एक अहम अध्याय जुड़ गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi) ने गौतम बुद्ध नगर स्थित यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में पहली सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई का वर्चुअल शिलान्यास किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath), केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ( Ashwini Vaishnaw) सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि जहां सेमीकंडक्टर इकाई स्थापित होती है, वहां डिजाइन हब, अनुसंधान केंद्र और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र भी विकसित होता है। इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर निर्णायक कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब ठहराव का नहीं, तीव्र प्रगति का दौर जी रहा है। उन्होंने हाल के कार्यक्रमों—युवा नेतृत्व अभियानों, स्टार्टअप पहलों और प्रौद्योगिकी सम्मेलनों—का उल्लेख करते हुए कहा कि देश नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में संगठित रूप से आगे बढ़ रहा है।
उनके अनुसार, वैश्विक व्यवस्था में प्रोसेसिंग पावर और चिप निर्माण सामरिक महत्व हासिल कर चुके हैं। 21वीं सदी की प्रतिस्पर्धा में वही राष्ट्र अग्रणी होगा, जिसके पास सेमीकंडक्टर उत्पादन की क्षमता होगी। भारत ने भले इस क्षेत्र में अपेक्षाकृत देर से कदम रखा हो, लेकिन अब गति और पैमाना दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं।

आत्मनिर्भर चिप निर्माण पर जोर
प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान उत्पन्न वैश्विक चिप संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि सप्लाई चेन की कमजोरियों ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया। उस अनुभव से सीख लेते हुए भारत ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य तय किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वदेशी चिप निर्माण से रक्षा, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और उभरती डिजिटल तकनीकों में देश की निर्भरता घटेगी। “जब चिप ‘मेक इन इंडिया’ होगी, तो आधुनिक उपकरणों के उत्पादन में बाधाएं नहीं आएंगी,” उन्होंने कहा।
उत्तर प्रदेश की औद्योगिक छवि में बदलाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath) ने कहा कि राज्य अब कानून-व्यवस्था और निवेश अनुकूल माहौल के कारण वैश्विक कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। जेवर और यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र को उन्होंने भविष्य के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मोबाइल विनिर्माण हब के रूप में उभरता हुआ बताया।
उनके अनुसार, सेमीकंडक्टर इकाई की स्थापना से क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी और उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में और मजबूत स्थिति बनाएगा। यह परियोजना केवल एक औद्योगिक निवेश नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी संप्रभुता की दिशा में रणनीतिक पहल है।



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