
The live ink desk. देश में मतदाता सूचियों के व्यापक पुनरीक्षण अभियान के तहत चार बड़े राज्यों में लाखों नाम सूची से बाहर हो गए हैं। चुनावी पारदर्शिता और शुद्धिकरण की प्रक्रिया के अंतर्गत विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) के दूसरे चरण का काम अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है।
चार राज्यों की संशोधित मतदाता सूची जारी
Election Commission of India ने शनिवार को मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और केरल की अंतिम मतदाता सूचियां सार्वजनिक कर दीं। इन चारों राज्यों में कुल मिलाकर 99 लाख 58 हजार 398 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यह कार्रवाई मृतकों, दोहरे पंजीकरण, स्थानांतरण अथवा अपूर्ण अभिलेखों जैसी वजहों से की गई।
राज्यवार स्थिति इस प्रकार है—
- मध्य प्रदेश: अंतिम सूची में 5.39 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। पुनरीक्षण के दौरान 34.25 लाख नाम हटाए गए।
- राजस्थान: संशोधित सूची में 5.15 करोड़ मतदाता शामिल हैं, जबकि 31.36 लाख नाम विलोपित किए गए।
- छत्तीसगढ़: यहां 1.87 करोड़ मतदाता अंतिम सूची में हैं और 24.99 लाख नाम सूची से हटे।
- केरल: कुल 2.69 करोड़ मतदाता अंतिम सूची में दर्ज किए गए, जबकि 8.97 लाख नाम हटाए गए।
इन चार राज्यों में मिलाकर लगभग एक करोड़ नामों का विलोपन मतदाता सूची शुद्धिकरण की बड़ी कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
सात राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सूची पूर्ण
अब तक सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अंतिम मतदाता सूचियां जारी की जा चुकी हैं।
- Lakshadweep और Puducherry की अंतिम सूची 14 फरवरी को जारी की गई थी।
- Gujarat की सूची 17 फरवरी को प्रकाशित हुई।
मतदाता सूची पुनरीक्षण के आगामी कार्यक्रम
शेष राज्यों में भी संशोधित मतदाता सूची जारी करने की प्रक्रिया तय समय-सीमा के अनुसार आगे बढ़ रही है।
- Tamil Nadu में 23 फरवरी तक अंतिम सूची जारी होने की संभावना है।
- West Bengal में 28 फरवरी तक सूची प्रकाशित की जा सकती है।
- Goa तथा Andaman and Nicobar Islands की सूची भी इसी महीने आने की उम्मीद है।
- Uttar Pradesh में अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को जारी की जाएगी।
चुनाव आयोग का कहना है कि इस विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में निष्पक्ष और विश्वसनीय मतदान सुनिश्चित किया जा सके।



