The live ink desk. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमले की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रिंस सुल्तान एयरबेस (Prince Sultan Airbase) पर हुए इस हमले में अमेरिकी वायुसेना का AWACS (एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) विमान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। घटना में कम से कम 10 अमेरिकी कर्मियों के घायल होने की सूचना है, जिनमें कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग किया गया। ईरानी मीडिया का दावा है कि 6 बैलिस्टिक मिसाइलों और 29 आत्मघाती ड्रोन के जरिए एयरबेस (Prince Sultan Airbase) को निशाना बनाया गया। हमले की तीव्रता के कारण एयरबेस की सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह नुकसान को रोक नहीं सकी और संबंधित विमान को भारी क्षति पहुंची।
हमले को लेकर यह भी दावा किया गया है कि Prince Sultan Airbase पर खड़े अमेरिकी AWACS के अलावा अन्य सैन्य संसाधनों को भी नुकसान हुआ है। कुछ रिपोर्ट्स में रिफ्यूलिंग विमानों के प्रभावित होने, एक MQ-9 ड्रोन को मार गिराने तथा एक F-16 लड़ाकू विमान को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी तक अमेरिकी पक्ष की ओर से नहीं की गई है।
घटना के बाद United States Central Command की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस हमले को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है और इसे क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि का संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएं सुरक्षा परिदृश्य को और संवेदनशील बना सकती हैं। साथ ही, तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर भी इसका प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल अमेरिका की संभावित प्रतिक्रिया पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं।


