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चाबहार के आसमान में Iran ने मार गिराया अमेरिकी F-18,US ने बताया ‘भ्रामक’

The live ink desk. पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने दक्षिण-पूर्वी तटीय क्षेत्र चाबहार के ऊपर एक अमेरिकी एफ-18 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। यह दावा ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) की ओर से किया गया, जिसने इसे अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा में की गई निर्णायक कार्रवाई बताया है। हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे भ्रामक और असत्य करार दिया है।

आईआरजीसी के अनुसार, संदिग्ध गतिविधियों के साथ ईरानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाले इस लड़ाकू विमान को उनकी वायु रक्षा इकाइयों ने ट्रैक किया और दक्षिणी क्षेत्र में मंडराते समय उसे निशाना बनाकर नष्ट कर दिया। संगठन का कहना है कि 28 फरवरी से अब तक इस प्रकार की यह चौथी कार्रवाई है, जिसमें अमेरिकी सैन्य विमानों को निशाना बनाया गया है। ईरान के सरकारी मीडिया नेटवर्क ने भी इस ऑपरेशन को सफल बताते हुए आईआरजीसी के बयान को प्रमुखता से प्रसारित किया है।

ईरानी सशस्त्र बलों ने इसके साथ ही यह भी दावा किया है कि उन्होंने जवाबी रणनीति के तहत सटीक-निर्देशित मिसाइलों और आधुनिक ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए 80 से अधिक चरणों में अमेरिकी और इजराइली ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों को क्षेत्र में शक्ति संतुलन बदलने वाली कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के दावे को सिरे से नकार दिया। सेंटकॉम ने स्पष्ट किया कि किसी भी अमेरिकी एफ-18 विमान को कोई नुकसान नहीं हुआ है और इस तरह की खबरें केवल दुष्प्रचार का हिस्सा हैं। साथ ही, अमेरिकी पक्ष ने एक फैक्ट-चेक ग्राफिक भी जारी किया, जिसमें ईरानी दावे को ‘फर्जी’ बताया गया।

गौरतलब है कि चाबहार, ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित एक रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण गहरे पानी का बंदरगाह है, जो ओमान की खाड़ी के मुहाने पर स्थित होने के कारण क्षेत्रीय समुद्री गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यह इलाका होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट होने के कारण भी सैन्य और आर्थिक रूप से अत्यधिक संवेदनशील है।

पिछले कुछ सप्ताहों में क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं और दोनों पक्षों के बीच दावों और प्रतिदावों का सिलसिला लगातार जारी है। इससे पहले भी अमेरिकी विमानों और ड्रोन को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई थीं, जिनमें एफ-15ई लड़ाकू विमान और केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर जैसी घटनाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एमक्यू-9 रीपर ड्रोन के नष्ट होने के दावे भी किए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के दावे और खंडन न केवल सूचना युद्ध का हिस्सा हैं, बल्कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित व्यापक टकराव के संकेत भी दे रहे हैं। ऐसे में चाबहार और आसपास के समुद्री क्षेत्र आने वाले समय में वैश्विक रणनीतिक नजरों का केंद्र बने रह सकते हैं।

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