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UPPSC 2024: प्रतापगढ़ के मेधावियों ने लिखी सफलता की कहानी

विशाल सरोज, शिवम मिश्र,आयुष पांडेय और रानीगंज की श्रद्धा पांडेय बनीं अफसर

प्रतापगढ़ (हरिश्चंद्र यादव). उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद ने इस बार प्रतियोगी परीक्षा (UPPSC 2024) के परिणामों में प्रतिभा का परचम लहराया है। जिले के अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले तीन युवाओं—विशाल सरोज, शिवम मिश्र, आयुष पांडेय और श्रद्धा पांडेय ने अपनी मेहनत, अनुशासन और संकल्प के बल पर शीर्ष प्रशासनिक सेवाओं में स्थान बनाकर यह साबित कर दिया कि सफलता का कोई एक तय रास्ता नहीं होता।

सांडवा चंडिका ब्लॉक के कोल बजरडीह गांव के रहने वाले विशाल सरोज ने कम उम्र में UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर पद के लिए चयन पाया है। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले विशाल की उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधन भी बड़े सपनों को रोक नहीं सकते। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और गांव में उत्सव जैसा माहौल है।

वहीं, गौरा क्षेत्र के सुवंसा नगर पंचायत के नौड़ेरा गांव निवासी शिवम मिश्रा ने UPPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त कर डिप्टी जेलर पद हासिल किया है। अनुशासन और समर्पण की मिसाल रहे उनके पिता, जो रक्षा सेवाओं से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, के मार्गदर्शन ने शिवम की सफलता में अहम भूमिका निभाई। उनकी उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में युवाओं के बीच नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ है।

इसी क्रम में जिले के एक और होनहार आयुष पांडेय ने भी UPPSC परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एसडीएम पद पर चयन हासिल किया है। आयुष, स्वर्गीय सीएल पांडेय के पुत्र हैं, जो प्रशासनिक सेवा में प्रतापगढ़ और समीपवर्ती जनपद कौशांबी में अपनी ईमानदारी और जनसेवा के लिए जाने जाते थे। आयुष की सफलता को लोग उनके पिता की विरासत और संस्कारों का प्रतिफल मान रहे हैं, जिससे जिले में भावनात्मक गर्व का माहौल भी देखने को मिल रहा है।

इसी तरह रानीगंज की श्रद्धा पांडेय ने भी अपनी मेहनत के बूते सफलता का मुकाम पाया है। नगर पंचायत रानीगंज के वार्ड संख्या-08, पचरास की रहने वाली श्रद्धा पांडेय ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 153वीं रैंक प्राप्त कर सफलता का परचम लहराया है। श्रद्धा का चयन असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्य कर) के पद पर हुआ है।

इन सफलताओं ने प्रतापगढ़ को एक साथ प्रतिभा, परिश्रम और संस्कार की मिसाल बना दिया है। गांवों से लेकर कस्बों तक, हर जगह इन युवाओं की चर्चा हो रही है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए ये नई प्रेरणा बनकर उभरे हैं।

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