
The live ink desk. बिहार के नालंदा जिले के मघड़ा गांव स्थित शीतला अष्टमी मेले में मंगलवार को भारी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से कम से कम आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। प्रशासन की ओर से मृतकों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। मृतकों में अधिकांश महिलाएं बताई जा रही हैं।
हादसे के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रारंभिक जानकारी में दो मृतकों की पहचान भी की गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चैत्र महीने के अंतिम दिन आयोजित शीतला अष्टमी मेले में श्रद्धालुओं की असामान्य भीड़ उमड़ी थी। मंदिर का गर्भगृह छोटा होने और प्रवेश-निकास के सीमित मार्ग के कारण अचानक दबाव बढ़ गया। दर्शन के लिए आगे बढ़ने की होड़ में लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई और भगदड़ की घटना हुई।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। हालांकि स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बड़े धार्मिक आयोजन के बावजूद पर्याप्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री की ओर से भी मृतकों के आश्रितों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी हादसे को दुखद बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के इलाज में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
उल्लेखनीय है कि शीतला अष्टमी के अवसर पर मघड़ा स्थित इस मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। पारंपरिक मान्यता के तहत इस दिन विशेष पूजा-अर्चना होती है, जिसके चलते हर वर्ष यहां मेला लगता है। इस बार मेले के अंतिम दिन भीड़ अधिक होने के कारण यह हादसा हो गया।
प्रशासन ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही है।



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